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- जींद रैली में गए वाहनों की पेमेंट मिलने पर बिफरे चालकों ने हलोपा कार्यालय के शटर गिराए
जींद रैली में गए वाहनों की पेमेंट मिलने पर बिफरे चालकों ने हलोपा कार्यालय के शटर गिराए
\\\"ट्रांसपोर्टर के जरिए गए थे वाहन\\\'
हलोपाकार्यालय इंचार्ज सचिव बीकर सिंह ने कहा कि जींद रैली में जो वाहन गए थे वे ट्रांसपोर्टर के जरिए गए थे। पार्टी की ओर से उस ट्रांसपोर्टर को सारी पेमेंट दी जा चुकी है। फ्लेक्स बोर्ड की पेमेंट टोहाना के ठेकेदार ने देनी है।
रतिया। जींद रैली की पेमेंट को लेकर हलोपा कार्यालय के गेट बंद कर रोष जताते चालक।
फ्लेक्स वाले ने भी मांगी पेमेंट
फ्लेक्सबोर्ड संचालक हैप्पी ने भी वाहन चालकों का समर्थन करते हुए अपनी बकाया पेमेंट की भी मांग कर डाली। हैप्पी ने कहा कि उससे जींद रैली के लिए हलोपा की ओर से करीब 73,000 रुपये के होर्डिंग्स और बोर्ड तैयार करवाए गए थे। पेमेंट को लेकर वह बार बार चक्कर लगा रहा है लेकिन पेमेंट नहीं दी जा रही है। राशि मिलने से उसकी आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई है। सारी राशि उसने अपनी जेब से लगा रखी है। लेकिन जब भी बकाया को लेकर बात करता है तो जवाब मिलता हैँ कि पार्टी की ओर से पेमेंट हो चुकी है। लेकिन जब वे यह पूछते हैं कि पेमेंट किसे की गई तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलता।
{पेमेंट देने के लिए कभी कहीं बुलाते हैं तो कभी कहीं
भास्करन्यूज | रतिया
हरियाणालोकहित पार्टी की जींद रैली में गए वाहनों की पेमेंट मिलने से खफा वाहन चालक शनिवार को भड़क उठे। गुस्साए चालकों ने फतेहाबाद रोड पर स्थित हलोपा के कार्यालय के शटरों को गिरा कर कार्यालय को बंद कर दिया। इतना ही नहीं चालकों ने कार्यालय के गेट के आगे धरना देकर नारेबाजी कर रोष भी जताया। चेतावनी दी कि अगर उनकी बकाया पेमेंट नहीं मिली तो वे रविवार को अग्रोहा में हलोपा की होने वाली रैली में पार्टी सुप्रीमो गोपाल कांडा और गोबिंद कांडा के सामने रोष व्यक्त करेंगे।
हलोपा कार्यालय को बंद करने की सूचना मिलते ही हलोपा कार्यकर्ता भी हरकत में गए। वे कार्यालय में जुटने लगे। दोनों पक्षों में कार्यालय के गेटों को खोलने को लेकर तीखी बहस भी हुई। बहस के दौरान वाहन चालक बलजीत सिंह, रमेश कुमार, जगदीप, कृष्ण, जगदीश, नरेश, महेंद्र, भाग सिंह, सोनू, गोमा राम और विक्की ने कहा कि उन्होंने हलोपा की 17 सितंबर की जींद रैली में रतिया से 35 वाहन भेेजे थे। उन वाहनों की पेमेंट 87,500 रुपये थी। पिछले 20 दिनों से वे बकाया पेमेंट को लेकर बार बार चक्कर लगा रहे हैं लेकिन कोई कोई बहाना बना कर वापस भेज दिया जाता रह