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अनाज मंडी में लदान का काम धीमा, धान से अटी मंडी

7 वर्ष पहले
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किसानों को दिन-रात ढेरियों के पास करनी पड़ती है रखवाली

अनाजमंडी में लदान का काम धीमा होने के कारण अनाज मंडी धान के थैलों से अट गई है। मजबूरी में किसानों को अपनी फसल अनाज मंडी से बाहर सड़कों पर उतारनी पड़ रही है, जिससे खराब मौसम में धान के भीगने चोरी होने का भय बना रहता है। फसल को चोरी होने से बचाने के लिए किसानों को दिन-रात ढेरियों के पास रखवाली करनी पड़ती है। मंडी में धान के थैलों की वजह से किसानों व्यापारियों को भी दिक्कतें रही हैं।

फसलउतारने के लिए जगह नहीं

अनाजमंडी में धान की फसल की आवक काफी है। बोली होने के कारण जगह-जगह धान की ढेरियां लगी हुई हैं। दूसरी ओर जिस फसल की बोली हो चुकी है, वह फसल भी थैलों में भरी पड़ी है। लदान का काम धीमी गति से चलने के कारण किसानों को धान की फसल उतारने के लिए जगह नहीं मिल रही। पूरी मंडी धान के थैलों और ढेरियों से अटी पड़ी है। यहां तक कि कुछ किसानों ने फसल को सड़क के बीचो बीच दुकानों के बरामदों में उतार रखा है। हालांकि सड़क के बीच फसल उतारने पर मार्केट कमेटी ने संबंधित आढती के खिलाफ कार्रवाई को लेकर भी हिदायत जारी की हुई है।

पशुमारते रहते हैं मुंह

किसानरूलदु सिंह, बचित्र सिंह, टेला सिंह, मित्रसेन, अमरजीत, नाजर सिंह ने बताया कि मंडी में जगह का अभाव है। इसी वजह से उन्हें अपनी फसल मंडी के बाहर उतारनी पड़ रही है, जहां फसल असुरक्षित है। थोड़ी सी बरसात आती है तो फसल पानी में डूब जाती है और फसल खराब हो जाती है। इसके अलावा खुली सड़क पर फसल पड़ी रहने के कारण चोरी का भय बना रहता और दिनभर आवारा पशु मुंह मारते रहते हैं।

मजबूरी में किसानों ने हुडा के इंडस्ट्रियल एरिया, मॉडल टाउन की सड़कों पर धान की फसल उतार रखी है। इससे आने जाने वालों को परेशानियां होती हैं। मंडी से बाहर बोली भी नहीं जा पाती। किसानों को बोली के लिए भी लंबा इंतजार करना पड़ता है। समस्याओं को लेकर किसान सचिव से भी मिले और व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की। सचिव सुरेंद्र कुमार ने कहा कि जल्द समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।

रतिया। धान के थैलो से अटी पड़ी अनाज मंडी।