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रात को भाजपाइयाें से कहासुनी, सुबह बीडीपीओ सस्पेंड
भाजपानेताओं बीडीपीओ नरेंद्र ढुल में बुधवार रात आपसी विवाद हो गया। मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों ने मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उन्हें शांत करवाया।
इसी बीच गुरुवार सुबह बीडीपीओ नरेंद्र ढुल के सस्पेंड के आदेश भी गए। बाकायदा उन्होंने इसकी पुष्टि भी की है। उनके सस्पेंड होने के मामले को इसी विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है। बीडीपीओ को चंडीगढ़ मुख्यालय जाने के आदेश जारी किए गए हैं।
गांव बलियाला के सरपंच गुरदेव सिंह लंबे समय से विकास कार्यों में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर सस्पेंड चल रहे हैं। इसी को लेकर बीडीपीओ भाजपा नेताओं के बीच आपसी विवाद हो गया। जिला महामंत्री विनोद जग्गा का आरोप है कि उनके पास काफी सरपंच आए थे। वे बीडीपीओ पर विकास कार्यों में रिश्वत मांगने के आरोप लगा रहे थे। गांव बलियाला के सरपंच भी सस्पेंड चल रहे हैं। रिपोर्ट सही करने की एवज में बीडीपीओ उनसे 10 हजार रुपये मांग रहे थे। सरपंचों द्वारा शिकायत करने पर उन्होंने बीडीपीओ से फोन पर बात करनी चाही तो उन्होंने गाली गलौज शुरू कर दिया और धमकियां देने लगे।
बीडीपीओ का बर्ताव अधिकारी जैसा नहीं था। मामले की शिकायत तुरंत सदर थाना प्रभारी चौकी प्रभारी से की गई। बाद में पुलिस की मौजूदगी में भी बीडीपीओ ने फिर से फोन कर गाली गलौज की। बाकायदा उनके पास इसके सबूत भी हैं। उन्होंने इस बारे अन्य साथियों को अवगत करवाया। बाद में थाने में जाकर लिखित में शिकायत दी है। विवाद को लेकर गुरुवार को भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी वेद फूलां, मंडल अध्यक्ष श्याम कंबोज, बलदेव ग्रोहा, राम निवास, धन्ना भगत, विनोद जग्गा, लक्ष्मण नापा, जग्गू मिस्त्री एसडीएम आमना तसनीम जिले के अधिकारियों से मिले और उन्होंने बीडीपीओ के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। हालांकि रात को भी दोनों पक्षों में देर रात तक विवाद चलता रहा और बाद में पुलिस ने पहुंचकर मामले को शांत करवाया।
बीडीपीओ नरेंद्र ढुल का कहना है कि रात 9 बजे मेरे पास एक व्यक्ति की मिस कॉल आई। मैंने कमरे से बाहर निकलकर फोन मिलाया तो आगे से उक्त व्यक्ति ने खुद को भाजपा का जिला महामंत्री विनोद जग्गा बताया और वह मुझ से फोन पर गाली गलौज करने लगा और बलियाला के सरपंच की रिपोर्ट बदलने का दबाव डालने लगा। पिछले कई दिनों से मुझ पर रिपोर्ट बदलने का दबाव बनाया जा रहा है, जिस का