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गुस्साए किसानों ने धान से भरे थैले खाली कर ढेरी लगाई

7 वर्ष पहले
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धानके कम भाव मिलने से गुस्साए किसानों ने सोमवार को भी रोष जताया। इसी दौरान वहां चुनाव में वोट मांगने के लिए डोर टू डोर पहुंचे विधायक एवं कांग्रेसी प्रत्याशी जरनैल सिंह को भी घेर लिया और उनसे खूब सवाल जवाब किए। किसानों ने अनाज मंडी में बेचे गए धान के थैलों को खाली करवाकर ढेरियां लगवा दीं। किसानों ने कहा कि मंडी में धान नहीं बिकने देंगे।

किसान नारेबाजी करते हुए मार्केट कमेटी कार्यालय पहुंचे और प्रदेश सरकार निजी एजेंसियों के खिलाफ नारेबाजी की। मामले की शिकायत मार्केट कमेटी के सचिव सुरेंद्र कुमार के सामने रखी। किसानों ने साफ तौर से कहा कि वे कम दाम पर अपना धान मंडी में नहीं बेचेंगे। इस बीच खफा किसानों ने अनाज मंडी के गेट पर डोर-टू-डोर कर रहे विधायक जरनैल सिंह को भी घेर लिया। किसानों ने कहा कि उनका धान सस्ते दामों में खरीदा जा रहा है। व्यापारियों की मिलीभगत से निजी एजेंसियां उनका धान औने-पौने दामों में खरीद रही हैं। किसानों ने मांग की गई कि विधायक इस मामले में हस्तक्षेप करें। लेकिन विधायक कोरा आश्वासन देकर आगे खिसक गए।

बता दें, दो दिनों से धान के कम भाव को लेकर मंडी में किसानों और निजी एजेंसियों के बीच टकराव चल रहा है। इस टकराव के चलते किसानों ने सोमवार को धान की तुलाई अौर बोली का काम बंद करवा दिया। खफा किसानों ने निजी एजेंसियों सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया। रोष जताने वाले किसानों अमरीक सिंह, बलकार सिंह, सतपाल, हरविंद्र, पवन कुमार, सुमित और ओमप्रकाश ने कहा कि अनाज मंडी में किसानों का बासमती धान सस्ते भाव में खरीदा जा रहा है। निजी एजेंसियां धान को 1700 से 2000 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से खरीद कर रही हैं। जबकि पंजाब आसपास की मंडियों में यही धान 3000 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बिक रहा है। धान सूखा बढिय़ा किस्म का होने के बावजूद भी उसमें नमी हल्का स्तर बताकर सस्ते दाम में खरीदा जा रहा है।

बासमती धान की नहीं होती सरकारी खरीद

बासमतीधान की सरकारी खरीद नहीं होती। इसकी खरीद सिर्फ निजी एजेंसियां ही करती हैं। लेकिन निजी एजेंसियों के खरीदार मनमानी करते हैं। उनके आगे शिकायत रखते हैं तो धान की खरीद नहीं की जाती है। किसान हफ्ते से अनाज मंडी में बैठे हैं, जिससे उनका समय पैसा बर्बाद हो रहा है।

रतिया। अनाज मंडी में किसान द्वारा थैलों से ढेरी किये धान को संभा