रिफाइनरी ठेकेदारों के खिलाफ प्रदर्शन
वहीं , रोटेशन पॉलिसी के विरोध में दूसरे दिन भी आंदोलन
रिफाइनरी | रिफाइनरीके मेन गेट पर लैंड लूजरों का धरना प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी रहा। उन्होंने रोटेशन पॉलिसी के विरोध में अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की और अपने वाहनों का चक्का जाम रखा। रिफाइनरी के प्रशासनिक अधिकारियों के बुलावे पर प्रदर्शनकारियों का 15 सदस्यीय शिष्टमंडल उनसे मिला। अधिकारियों ने आंदोलनकारियों को सोमवार तक का समय दिया है, लेकिन वो अपनी मांगों पर अड़े रहे। कानून व्यवस्था के लिए डीएसपी जोगिंद्र राठी ने पुलिस को मौके पर तैनात कर दिया है।
लैंड लूजर संघर्ष समिति के प्रधान नवीन राठी, नरेंद्र, विक्रम ने बताया कि रिफाइनरी में पिछले काफी समय से कई ग्रामीणों की गाड़ियां कॉन्ट्रेक्ट पर लगी हुई हंै। इस वर्ष मार्च जुलाई में कई गाड़ियों का कांट्रेक्ट खत्म होना था। इससे पहले फरवरी में ग्रामीणों की रिफाइनरी पदाधिकारियों के साथ हुई बैठक में लिखित आश्वासन दिया गया था कि उनकी नई गाड़ियाें पर रोटेशन पॉलिसी लागू नहीं की जाएगी। इसके बाद ग्रामीणों ने लगभग 40 गाड़ियां नई खरीदी और कांट्रेक्ट पर लगा दी, लेकिन रिफाइनरी प्रशासन ने इन गाड़ियों का वर्क ऑर्डर अभी तक लागू नहीं किया और ही पिछले तीन माह से कोई पेमेंट दी गई है।
इससंबंध मेंरिफाइनरी के डीजीएम बी. अरूण कुमार ने बताया कि लैंड लूजरों का एक शिष्टमंडल उनसे मिला था। उनकी मांगों पर सहमति नहीं हो पाई है। जिला उपायुक्त से मिलने के बाद उनकी मांगों पर विचार विमर्श किया जाएगा।
श्रमिकों का कहना है कि मजदूरों के साथ पाॅर्किंग में भी भेदभाव किया जा रहा है। कंपनी अधिकारियों से पाॅर्किंग का कोई भी पैसा नहीं लिया जाता, जबकि मजदूरों से इसका चार्ज लिया जाता है। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही डीएसपी जोगिंद्र राठी वहां पहुंचे। मजदूरों ने उनको कहा कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाती तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
डीजीएमबोले-अधिकांश मांगें मान ली
^श्रमिकोंके शिष्टमंडल से बात कर उनकी अधिकांश मांगें मान ली गई हैं। कई मांगों पर विचार किया जाएगा। श्रमिक रविवार से काम पर लौट जाएंगे।
बी.अरूण कुमार, डीजीएमरिफाइनरी
रिफाइनरी. रोटेशनपॉलिसी के विरोध में दूसरे दिन भी ग्रामीणों ने धरना देकर रिफाइनरी प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
पानीपत. रिफाइनरीके मुख्य गेट के बाहर प्रदर्शन करते श्रमिक।