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बाबू बालमुकुंद समारोह की तैयारियां जोरों पर

7 वर्ष पहले
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गांवगुड़ियानी में जन्मे यशस्वी साहित्यकार एवं मूर्धन्य पत्रकार स्व. बाबू बालमुकुंद की 107वीं पुण्यतिथि पर 18 सितंबर को मीरपुर स्थित इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय परिसर में होने वाले बाबू बालमुकुंद गुप्त स्मृति समारोह की तैयारियां जोरों पर हैं।

इस समारोह में लोकार्पित होने वाले नव प्रकाशित कृतियों के प्रारुप को आज अंतिम रूप दिया गया। समारोह के प्रारुप को अंतिम रूप देने के लिए 14 सितंबर को परिषद के बैठक बुलाई गई है। परिषद के अध्यक्ष श्यामसुंदर सिंहल ने बताया कि समारोह में परिसर के संस्थापक महासचिव रघुविंद्र यादव के संपादन में प्रकाशित होने वाले साहित्यिक पत्रिका ‘बाबूजी का भारतमित्र’ का कुंडलिया विशेषांक का लोकार्पण किया जायेगा, जो देश की किसी साहित्यिक पत्रिका का पहला कुंडलिया विशेषांक होगा।

इसके अलावा प्रदेश के जानेमाने वरिष्ठ लोक साहित्यकार रोहित यादव की चार कृतियां जीवजगत के दोहे, देते है अवशेष गवाही, डा. रामनिवास मानव की प्रतिनिधि लघुकथाएं तथा दोहा दोहा वनस्पति का विमोचन उक्त समारोह में किया जायेगा। समारोह में दोहाकार रघुविंद्र यादव के नव प्रकाशित दोहा संग्रह ‘वक्त करेगा फैसला’, कुण्डलियां संग्रह ‘मुझमें संत कबीर’ तथा लघुकथा संग्रह ‘बोलता आईना’ का लोकार्पण किया जायेगा। इसके अलावा संस्कृति लेखक एवं हरियाणवी रचनाकार सत्यवीर नाहड़िया की नव प्रकाशित पुस्तक ‘एक बख़त था’ , लेखिका शीला काकस की कृति ‘जागो बहनों, जागो’तथा लोक साहित्यकार शमशेर कोसलिया नरेश की पुस्तक ‘प्रेरणा के बोल’ लोकार्पित की जायेंगी।

उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के कुलपति महेंद्र कुमार के मुख्यातिथ्य में होने वाले इस समारोह में प्रदेशभर से साहित्यकार एवं साहित्यप्रेमी भाग लेंगे। उक्त समारोह में विवि के हिंदी विभाग तथा परिषद की देखरेख में संबंधित तैयारियां जोरों पर हैं।

इन तैयारियों की समीक्षा हेतु हिंदी दिवस के अवसर पर स्थानीय मॉडल टाउन स्थित परिषद कार्यालय में एक बैठक आमंत्रित की गई है, जिसकी अध्यक्षता परिषद के संरक्षक नरेश चौहान एडवोकेट करेंगे तथा बैठक में 18 सितंबर को होने वाले समारोह के प्रारुप का अंतिम रूप देते हुए विभिन्न प्रभार सौंपे जायेंगे।