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गहराता जा रहा कुंड स्टेशन को बंद करनेे का रास्ते का मुद्दा

7 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज | रेवाड़ी/कुंड

कुंडस्टेशन के रास्ते को बंद किए जाने से ठप हुए सैकड़ों छोटे व्यापारियों और ग्रामीणों और विद्यार्थियों को हो रही परेशानी का मुद्दा गहराता जा रहा है। ग्रामीणों ने गुरुवार को 12 नवंबर तक का अल्टीमेटम देने के बाद केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री और जयपुर मंडल के अधिकारियों को ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन में बताया गया है कि एक समय में सबसे ज्यादा राजस्व देने वाले कुंड स्टेशन की अनदेखी से लोग कुंड से पलायन करने के लिए मजबूर हो रहे हैं।

12 गांवों के सरपंच, जिला पार्षद, सामाजिक संगठनों और तीन राजकीय स्कूलों के विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने साफ तौर से चेतावनी दी है कि यह न्यायिक और ज्वलंत मांग है। अगर समय रहते इसका समाधान नहीं होगा तो सैकड़ों लोगों का व्यवसाय और रोजगार चौपट हो जाएगा। ग्रामीणों के मुताबिक यह स्टेशन रेवाड़ी से 22 किमी दूर रिंग्स रेल मार्ग पर स्थित है। कुंड की पहचान विश्व में पत्थर की नगरी के तौर पर रही है। यहां चारों तरफ खदानें हैं। जिसका पत्थर विदेशों में जाता है। यह स्टेशन हरियाणा-राजस्थान सीमा को जोड़ता है। यहां फौजियों की संख्या भी काफी ज्यादा है। इसके एक तरफ राजस्थान के गांव तो दूसरी तरफ हरियाणा के गांव आते हैं। इस स्टेशन से सीधे तौर पर 40 से ज्यादा गांवों के निवासियों को सीधा फायदा मिल रहा है। दो साल पहले राजस्थान सीमा और आस पास गांवों सरकारी स्कूलों को कुंड से जोड़ते रेलवे स्टेशन कुंड के रास्ते बंद होने के कारण मंडी का व्यवसाय पूरी तरह से चौपट हो गया है। कुंड से व्यापारी और लोगों ने धीरे-धीरे पलायन शुरू कर दिया है।

आजादी से पहले का यह रास्ता है। जानकारी के मुताबिक रेलवे रिकॉर्ड में बिना फाटक वाला रास्ता होने के बाद भी कभी कोई हादसा या बड़ी घटना नहीं हुई। लेकिन इस रास्ते को इसलिए बंद कर दिया गया था क्योंकि इस रेलवे रूट पर जयपुर मंडल के अधिकारी गुजर रहे थे। उन्होंने एक युवक को बाइक से बिना फाटक के इस रास्ते को पार करते हुए देख लिया। सुरक्षा की दृष्टि से उन्होंने इसे बंद कर दिया लेकिन वे भूल गए कि जिस रास्ते को उन्होंने बंद करवाया है, वहां से रोज राजस्थान के महतावास, अलडींद , चिताडुंगरा, मनेठी की ढाणी, मालियों की ढाणी, गिगलाना, नानकवास, रासराणा, पोरूला समेत दर्जनों गांवों के सैकड़ों ग्रामीण एवं राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के