स्टेशन पर मिला बम का टाइमर
नॉर्थवेस्टर्न रेलवे के सबसे बड़े जंक्शन रेवाड़ी रेलवे स्टेशन पर बम मिलने की वारदात के बाद शुक्रवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी की टीम रेलवे स्टेशन पर पहुंची। एनआईए की टीम के साथ ही आरपीएफ जीआरपी के आला अधिकारी एसपी हामिद अख्तर ने भी घटनास्थल को खंगाला। सुरक्षा टीमों के आने के बाद बड़ा खुलासा हुआ। टीम के अनुसार बम में टाइमर लगा हुआ था। मौजूद अधिकारियों ने स्टेशन पर मौजूद एक पानी की टंकी से टाइमरनुमा चीज बरामद की है। इसके अलावा बम के कुछ टुकड़ों को भी टीम ने कब्जे में लेकर जांच के लिए उसे एफएसएल भेज दिया गया है।
जांचएजेंसी ने बैठक के बाद लिया जायजा
रेवाड़ीरेलवे स्टेशन पर बम मिलने की घटना के बाद रेलवे की जांच एजेंसी के साथ ही नेशनल इंवेस्टिेगेशन एजेंसी की टीम ने मोर्चा संभाला। शुक्रवार को पहले अंबाला से जीआरपी एसपी अशोक कुमार, आरपीएफ के सीनियर डिवीजनल कमिश्नर एके अग्निहोत्री जीआरपी के डीएसपी रेलवे स्टेशन पर पहुंचे। इसके बाद सादी वर्दी में एनआईए की टीम के तीन जवान भी रेलवे स्टेशन पर पहुंचे। कुछ ही देर में एसपी हामिद अख्तर भी रेलवे स्टेशन पर पहुंचे। घटना को लेकर सभी अधिकारियों की रेलवे के वीआईपी रूम में बैठक हुई और उसके बाद सभी अधिकारियों ने रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 2 का जायजा लिया।
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सीसीटीवी कैमरे खंगाले
इर्द- गिर्द भी गहनता से जांच की। एनआईए की टीम को पानी की टंकी के नीचे नाली में टाइमर नुमा चीज मिली। इसके अतिरिक्त टीम को बम के कुछ टुकड़े भी मिले हैं, जो डिफ्यूज करने के दौरान गिर गए थे। टीम ने सीसीटीवी कैमरों को भी खंगाला, लेकिन वहां से भी ज्यादा कुछ हासिल नहीं हो सका।
नॉलेज |ये है आरओ सिस्टम
पानीको शुद्ध मीठा करने के लिए आरओ सिस्टम लगवाया जाता है। यह एक तरह का फिल्टर होता है जो पानी में से अशुद्ध तत्वों को हटाता है और पानी को शुद्ध बनाता है। घरों में इसी सिस्टम को पानी साफ करने के लिए लगवाया जाता है।
आरओ सिस्टम से बनाया गया था बम
गुरुवारको रेलवे स्टेशन पर जो बम बरामद हुआ था उसे घरों में पानी शुद्ध करने के लिए लगाए जाने वाले आरओ (रिवर्स ओसमोसिस) सिस्टम के पार्ट्स से बनाया गया था। बम बरामद करने वाली टीम ने इस बात का खुलासा किया था कि आरओ में इस्तेमाल होने वाले पाइप अन्य पार्ट्स का इस बम को बनाने में इस्तेमाल किया गया।