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पुनर्मूल्यांकन में परिणाम 50 फीसदी बदला तो रिवाइज होगा रिजल्ट
अबएमडीयू में पुनर्मूल्यांकन परीक्षा को लेकर खासा ध्यान दिया जा रहा है। अभी तक 20 फीसदी से नीचे वाले का पुनर्मूल्यांकन नहीं होता था। शैक्षणिक परिषद (एसी) की बैठक में अब फैसला लिया गया है कि यदि एक क्लास विशेष में 90 फीसदी से अधिक बच्चे किसी पेपर में फेल होते हैं तो कुलपति की ओर से फ्रेश पुनर्मूल्यांकन करवा सकता है। साथ ही यदि इस पुनर्मूल्यांकन में 50 फीसदी बच्चों के परीक्षा परिणाम में अंतर पाया जाता है तो पूरे परिणाम को ही रिवाइज कर दिया जाएगा। मूल्यांकन के नियमों में अब फेरबदल कर दिया गया है। शुक्रवार को एमडीयू के आईएचटीएम में दोपहर बाद दो बजे से एसी की बैठक की गई। बैठक में ५५ से ज्यादा शैक्षणिक मुद्दे रखे गए और इनपर मुहर लगाई गई।
इनपाठ्यक्रमों में किया बदलाव
बैठकमें प्रांरभिक एजेंडों में विवि ने स्नातक स्तर पर कई पाठ्यक्रमों में बदलाव की तैयारी की है, जिनमें पर्यावरण विज्ञान का पेपर जरूरी करने, बैचलर वोकेशनल डिग्री प्रोग्राम इन सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट जैसे विषय हैं। वहीं, हिंदी विभाग द्वारा संचालित पीजी डिप्लोमा इन ट्रांसलेशन में जो विद्यार्थी दाखिला लेंगे, उनमें से हिंदी अंग्रेजी छात्र को प्राथमिकता दी जाएगी।
इन्हें मिली प्रोविजनल मंजूरी
परिषदमें वूमेन कॉलेज नांगल चौधरी, मातनहेल कॉलेज झज्जर, गवर्नमेंट कॉलेज मोखरा रोहतक, वूमेन कॉलेज जसौरखेड़ी झज्जर, वूमेन कॉलेज बाढड़़ा, वूमेन कॉलेज पाली रेवाड़ी, मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी कॉलेज खेड़ा सिवानी भिवानी, पीडीएम स्कूल ऑफ आर्किटेक्ट एंड टाउन प्लानिंग बहादुरगढ़ को अस्थाई मान्यता देने पर मुहर लगा दी गई।