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किराएदारों को गांव छोड़ने का अल्टीमेटम

7 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज | रेवाड़ी/धारूहेड़ा

गांवखालियावास में 18 सितंबर की रात को हुई चोरी की घटना से ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीणों ने पंचायत कर निर्णय लिया कि अगर 21 सितंबर तक गांव में रहने वाले किराएदार घर खाली नहीं करके जाते हैं तो दोबारा पंचायत कर बड़ा निर्णय लिया जाएगा। गांव में इस समय 600 से ज्यादा मजदूर वर्ग के परिवार किराए पर रह रहे हैं। ये लोग आसपास की कंपनियों में काम करते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि दिन-रात इन कर्मचारियों का गांव में आना-जाना लगा रहता है। इसलिए गांव में इस तरह की घटनाएं हो रही है। पंचायत में यह भी निर्णय लिया गया कि अगर पुलिस ने एक सप्ताह के भीतर चोरों को गिरफ्तार नहीं किया तो गांव संघर्ष करने के लिए मजबूर हो जाएगा।

शुक्रवार की रात गांव में ग्रामीणों की पंचायत हुईं। अध्यक्षता मुरारीलाल यादव ने की। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में ग्रामीणों से ज्यादा किराएदारों की संख्या बढ़ती जा रही है। अधिकांश मजदूर वर्ग से हैं जिनका दिन-रात गांव में आना-जाना लगा रहता है। इसलिए गांव की शांति भी भंग हो रही है। चोरी लूटपाट की हो रही घटनाओं में किराए पर रहने वाले कुछ लोगों के हाथ होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। लिहाजा इन घटनाओं को रोकने के लिए किराएदारों को गांव छोड़ने के लिए कहा जाए। साथ ही यह भी फैसला हुआ कि अगर चोरों को एक सप्ताह में नहीं पकड़ा गया तो ग्रामीण चुप नहीं बैठेंगे। किराएदारों को खाली करने के लिए 21 सितंबर रात 8 बजे तक का समय दिया गया है। पंचायत में सरपंच के पति रामनारायण यादव, शमशेर यादव एडवोकेट, प्रवीण यादव, बलबीर सिंह नंबरदार, विजय पाल पूर्व सरपंच, संदीप कुमार, मंजू कुमार, प्रभुदयाल पंच, राजेश यादव समेत अनेक ग्रामीण उपस्थित थे।

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क्या था मामला

18सितंबर की रात को गांव में बदमाशों ने स्प्रे छिड़कर प्रवीण यादव के परिवार को बेसुध कर 24 लाख का सोना, एक लाख की नकदी, लाइसेंसी पिस्टल उड़ाकर ले गए थे। बदमाश दूसरे घर में भी वारदात को अंजाम देना चाहते थे लेकिन कामयाब नहीं हो पाए थे।

ग्रामीणों से बात करेंगे

^पंचायतद्वारा इस प्रकार के निर्णय का मामला उनके संज्ञान में नहीं आया है। फिर भी ऐसा है तो ग्रामीणों से बातचीत कर ही कुछ कहा जा सकता है। वैसे किरायेदारों की पहचान के लिए समय-समय पर अभियान चलाया जाता रहता है