प्रदेश प्रभारी अनिल, संगठन मंत्री सुरेश भट्ट और प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला का भी सकारात्मक रूख है
रेवाड़ी। दो माह बाद पंचायती राज अधिनियम के तहत ग्राम पंचायत, खंड समिति और जिला परिषद के होने वाले चुनाव को लेकर भाजपा अभी से सक्रिय हो गई है।
पार्टी के आला नेताओं के मुताबिक राजस्थान की तर्ज पर जिला परिषद चुनाव में पार्टी सिंबल पर लड़ सकती है। यहां बता दें कि भाजपा नगर निकाय के चुनाव भी सिंबल पर लड़ चुकी है।
हालांकि इस मुद्दे को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है लेकिन प्रदेश के आला नेता जिला परिषद के चुनाव को पार्टी सिंबल पर लड़ने की मंशा से हाई कमान को अवगत करा चुके हैं।
प्रदेश प्रभारी अनिल, संगठन मंत्री सुरेश भट्ट और प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला का भी सकारात्मक रूख है। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता वीर कुमार यादव ने भास्कर से बातचीत में माना कि अभी तक लिए गए राय मशविरा में यह लगभग तय माना जा रहा है कि पार्टी पहली बार पंचायतों के चुनाव में खुद को परखने की तैयारी कर रही है।
जहां तक खंड समिति और ग्राम पंचायत के चुनाव की बात है यहां पर पार्टी मन नहीं बना रही है। अभी आधिकारिक तौर पर निर्णय लेना बाकी है।
जमीनी स्तर पर मजबूत होने का अवसर मान रही भाजपा : पंचायती राज चुनाव में आने का मतलब साफ है प्रदेश में भाजपा खुद को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के किसी भी प्रयासों से चूकना नहीं चाह रही है। राजस्थान में भाजपा के जमीनी स्तर पर मजबूत होने की वजह भी इन चुनावों में लड़ना माना जाता रहा है।