रेवाड़ी। मामा-मामी की डांट बर्दाश्त नहीं हुई तो एक 16 साल की लड़की नाराज होकर रेवाड़ी पहुंच गई। रेलवे स्टेशन पर काफी देर तक बैठे रहने पर जीआरपी को शक हुआ। उन्होंने चाइल्ड वेलफेयर सोसायटी को सूचित किया। पूछताछ में लड़की ने सबकुछ बता दिया। इसके बाद फोन कर उसके परिजनों को बुला उसे सौंप दिया गया।
जीआरपी के एसएचओ सुरेंद्र सिंह, एएसआई जगदीश चंद्र शर्मा महिला हेड कांस्टेबल रेखा कौशिक स्टेशन पर गश्त कर रहे थे। उन्हें शक हुआ कि एक लड़की काफी देर तक स्टेशन पर बैठी हुई है। उन्होंने चाइल्ड वेलफेयर कमेटी को सूचित किया। कमेटी चेयरपर्सन नलिनी यादव, सदस्य रजनी भार्गव, राकेश भार्गव ने लड़की के बैग को चेक किया और लड़की से पूछताछ शुरू की तो उसने सच बता दिया।
लड़की के माता-पिता नेपाल में रहते हैं। वह बचपन से ही दिल्ली में अपने मामा-मामी के पास रह रही है। दोनों की डांट फटकार के कारण वह रेवाड़ी पहुंच गई। कमेटी सदस्यों ने लड़की के परिजनों को सीख दी कि वे समझदारी से बच्चों को समझाए।