रेवाड़ी। मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर की तरफ से नगर परिषद में गलत ढंग से पास किए नक्शों की जांच विजिलेंस को देने के बाद नप में पिछले दस सालों से चल रहे खेल का खुलासा होने की संभावना बढ़ गई है। इस खेल में नप के नए-पुराने चेयरमैन, उपप्रधान से लेकर सभी अधिकारियों कर्मचारियों के अलावा नगर पार्षद भी चपेट में सकते हैं।
निष्पक्ष जांच होने पर इसमें वे लोग भी चपेट में आएंगे, जिन्होंने शहर में नियमों को ताक पर रखकर बहुमंजिला इमारतें खड़ी कर ली हैं। इसमें डॉक्टर्स से लेकर राजनेता छोटे- बड़े उद्योगपति व्यापारी वर्ग शामिल है।
बता दें कि एसडीएम जितेंद्र कुमार ने 8 नक्शों को गलत बताते हुए करीब एक करोड़ रुपए के राजस्व के नुकसान होने की बात कहीं थी, लेकिन हकीकत यह भी है कि गलत ढंग से पास किए गए नक्शों की संख्या सैकड़ों में हैं। ऐसे में विजिलेंस टीम का मकसद नक्शों के खेल को पूरी तरह उजागर करना रहेगा।
आधिकारिक सूत्रों की मानें तो अगर राजनीतिक दबाव नहीं बनाया गया और निष्पक्ष जांच हुई तो नप का शायद ही कोई अधिकारी बेदाग निकले और हल्ला मचाने वाले कुछ नगर पार्षदों की असलियत भी सामने आएगी, क्योंकि पार्षदों ने नियमों को बाइपास कर पास करवा रखा है।
खुद को बचाने में लग गए अधिकारी : सीएम की तरफ से जांच कराने के आदेश के बाद ही नप अधिकारियों में खलबली मची हुई है। खुद को रिकॉर्ड में ठीक दिखाने के लिए एकाध अधिकारी नप में अवकाश होने के बाद भी चुपके से रिकॉर्ड दुरुस्त करते नजर आए।
धुलफांक रही पुरानी जांच फाइलें
ऐसानहीं है कि नप में विकास कार्यों, खासकर गलत नक्शों को लेकर पहली बार शोर मचा है। नप की जब भी मीटिंग हुई है अनियमितताओं घोटालों को लेकर जमकर हल्ला मचता रहा है। 10 सालों से उपायुक्त चंद्रप्रकाश, टीएल सत्यप्रकाश, श्रीनिवास, सीजी रजनीकांथन भी अनयिमतताओं घोटालों को लेकर जांच करवा चुके हैं। इसमें साबित हो चुका है कि नप की तरफ से चलाए जा रहे कार्यों में जमकर गोलमाल हुआ है। कार्रवाई की सिफारिश भी गई लेकिन आगे चलकर मामला ठंडे बस्ते में चला गया। ऐसे में सवाल उठता है कि विजिलेंस की तरफ से होने वाली यह जांच भी कहीं आगे चलकर इस तरह ठंडे बस्ते में तो नहीं चली जाएगी।
मॉडल टाउनमें खुली जिम का भवन बिना नक्शा पास बन गया।
नाईवालीस्थितटेलीफोन एक्सचेंज के नजदीक बिना नक्शा बन रहा भवन।
उत्तमनगरबाइपास के पास बिना नक्शा पास हुए दुकानें बन रही हैं।
नाईवालीचौकपर नियमों की अनदेखी कर बन रही बहुमंजिला इमारत।
काठमंडी मेंदो माह पहले दुकानें बनी, उसका नक्शा तक पास नहीं हुआ।
रेलवेरोड पर मक्खनलाल धर्मशाला के पास दुकान की रजिस्ट्री दो टुकड़ों में करा लाखों के राजस्व का झटका दिया। यह दुकान नाले पर बनी हुई हैं। नप के रिकार्ड में नक्शे की फाइल गायब हैं। मौके पर नाला आज भी है।
कृष्णानगर में गुजर रहे नाले पर भी प्रभावशाली लोगों ने कब्जा किया हुआ है।
कायस्थवाड़ा में एक कॉम्प्लेक्स बनाया, जो नियमों को ताक पर रखकर शत प्रतिशत कवर किया हुआ है।