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सत्संग से मिलती है मन को शांति : महाराज अरविंद
चौधरीवाड़ास्थित सत्संग भवन पिछले दस दिनों से चल रही रामकथा का रविवार को हवन यज्ञ के साथ समापन हो गया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया।
जरूरतमंदोंकी सहायता को किया प्रेरित
कार्यक्रममें महाराज अरविंद ने कहा कि रामकथा में बताए गए मानव कर्तव्यों को अपने जीवन में उतारना चाहिए। सभी को अपने जीवन में जरूरतमंद लोगों की भलाई के लिए कार्य अवश्य करने चाहिए, तभी रामराज की कल्पना साकार हो सकती है। उन्होंने कहा कि मन की शांति के लिए सभी को सत्संग में भाग लेते रहना चाहिए। सत्संग से आत्मिक सुख की प्राप्ति होती है, जिससे मन शांत और जीवन में नेक कार्य करने का उत्साह बना रहता है। इसके बाद श्रद्धालुओं ने हवन-यज्ञ में बढ़-चढ़कर भाग लिया। हवन-यज्ञ में आहुति डालकर लोगों ने सुख-समृद्धि की कामना की। सत्संग भवन के महंत दुर्गादास ने श्रद्धालुओं को कहा कि हम सभी को भगवान राम की तरह आदर्श पुत्र, पवित्र पति और सर्वश्रेष्ठ भ्राता बनने का प्रयास करना चाहिए। मंदिर परिसर में 5 से 12 दिसंबर तक रामकथा का आयोजन किया गया और 13 दिसंबर को व्यास पूजा कराई गई थी।
रेवाड़ी. मोहल्लाचौधरीवाड़ा स्थित मंदिर में हवन में आहूति डालते श्रद्धालु।