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कर्म कषाय से लहराती है : कैवल्यानंद

6 वर्ष पहले
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सफीदों| श्रीस्वामी गोरक्षानंद गोशाला में चल रही श्रीमद् भागवत व्यास पीठाधीश्वर कैवल्यानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि जो कर्मों की कृषि लहलहाती है, वह कषाय है। इस कषाय के पकते ही सुख और दुख रूपी फल निकल आते हैं। जिससे समता, शांति और संतुलन भंग होता है, टूटता है वह कषाय है।

विकारों का गुप्त वातावरण स्वयं अपने में ही शरीर, मन और आत्मा को भारी बना देता है। कषायोदय व्यक्ति की बातचीत क्रोध और अहंकार को पुष्ट बनाने वाली होती है। उसको सपने भी ऐसे आएंगे जो उसके नींद मेें भी शांत नहीं रहने देते हैं। क्रोध, अहंकार, ईष्योंं, घृणा और चुगली करना ये तामसिक प्रवृत्तियां है। तामसिक आदमी कभी शांत नहीं हो सकता है। कथा के छठे दिन कार्यक्रम में सफीदों विधायक जसबीर देसवाल ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। मौके पर प्रधान प्रेम सैनी, महासचिव योगेद्र दीवान, कृष्ण देसवाल, वेद प्रकाश, रणधीर सैनी, डाॅ. नरेश वर्मा मौजूद थे।

आज मुख्य अतिथि होगी डाॅ. वंदना कार्यक्रमके प्रवक्ता डॉ. नरेश वर्मा ने बताया कि समापन समारोह पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की छोटी बहन सफीदों से भाजपा प्रत्याशी रही डॉ. वंदना शर्मा बतौर मुख्यातिथि शिरकत करेंगी। जिनके साथ एसडीएम ममता शर्मा भी मौजूद होंगी।

सफीदों. विधायकजसबीर देसवाल को स्मृति चिह्न भेंट करते कैवल्यानंद महाराज।