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अभिमान ही बनता है व्यक्ति के पतन की वजह : स्नेहलता

7 वर्ष पहले
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सफीदों | कस्बेके विश्व कल्याणी आश्रम में रविवार शाम को आध्यात्मिक शिविर का आयोजन किया गया। ब्रह्मकुमारी स्नेहलता ने प्रवचन करते हुए कहा कि जीवन में कुछ हासिल करने के लिए किस्मत का सहारा नहीं ढूंढना चाहिए। जब तक लक्ष्य हासिल नहीं हो जाए तब तक चैन से नहीं बैठना चाहिए। इंसान में कुछ कर गुजरने की चाहत हो तो मंजिल खुद चलकर पास जाती है।

उन्होंने कहा कि अभिमान ही व्यक्ति के पतन का कारण बनता है। जहां नम्रता से काम चलता हो वहां उग्रता नहीं दिखानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जीभ नरम होती है इसलिए जीवन के अंतिम पड़ाव तक साथ देती है, जबकि दांत कठोर होते हैं, इसलिए देरी से आने के बाद भी जल्दी ही टूट जाते हैं। उन्होंने कहा कि सर्व असफलताओं का मूल कारण देह अभिमान है। अभिमान आदमी को अंधा बनाता और जीवन को अंधकारमय। इसके कारण इंसान विवेकवान होते हुए भी सही निर्णय नहीं ले पाता।