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पैक्स में कर्मचारियों की नहीं होती है सर्विस बुक
सफीदों | करीब30 वर्ष कर्मचारी रहे, वेतन भी लिया, लेकिन रिटायर होने के बाद देखा तो विभाग के आला अधिकारियों के पास उनकी सर्विस बुक ही नहीं मिली। ये मामला मोरखी पैक्स का है। जहां आज भी सात कर्मचारी काम कर रहे हैं, लेकिन किसी की भी आज तक सर्विस बुक नहीं लगाई गई है। ये खुलासा गांव कुरड़ के प्रदीप को आरटीआई से हुआ है।
गांव कुरड़ के प्रदीप ने बताया कि उसके पिता करतार सिंह पिछले 30 सालों से मोरखी पैक्स में बतौर सेल्समैन काम कर रहे थे। एक अप्रैल 1984 से 30 जून 2014 तक उन्होंने यहां काम किया और सेवानिवृत्त हुए। उन्होंने बताया कि उनकी रिटायरमेंट के बाद जो ड्यूज पैक्स की तरफ उनका निकलता है, अधिकारियों द्वारा नहीं दिया जा रहा। जिसको लेकर उन्होंने आरटीआई के जरिए अपने पिता करतार सिंह का विभाग से रिकाॅर्ड लेना चाहा, तो पता चला कि विभाग ने कभी भी उनकी सर्विस बुक ही नहीं लगाई। जिसकी वजह से ही उन्हें आज कई तरहों की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं,मोरखीके पैक्स प्रबंधक ने बताया सात कर्मचारी पैक्स में काम कर रहे हैं। सबका रिकॉर्ड कार्यवाही रजिस्टर से ही चलाया जाता है। किसी भी कर्मचारी की इंक्रीमेंट लगाई जानी हो या किसी को निलंबित किया जाना है, तो कार्यवाही रजिस्टर से ही अमल में लाया जाता है। उनके द्वारा किसी भी कर्मचारी की सर्विस बुक नहीं लगाई गई है।
सर्विस कानून में हुए बदलाव
आजभी पैक्सों में कुछ खामियां है। जिसे देखते हुए विभाग ने सर्विस कानून में करीब दो महीने पहले ही कुछ बदलाव किए हैं। करतार सिंह के मामले में जो भी परेशानियां हैं। उसे जल्द ही सुलझा लिया जाएगा। ऋषिराम,असिस्टेंटरजिस्ट्रार, सफीदों।