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नारी शिक्षा से समाज की तरक्की संभव: नरसीराम

7 वर्ष पहले
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राजीवगांधी महाविद्यालय में मंगलवार को प्रतिभा खोज प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें छात्र-छात्राओं ने नृत्य, भाषण, गायन, कविता पाठ, मिमिक्री, लघु नाटिका में हिस्सा लिया। इसकी अध्यक्षता प्राचार्य रोहताश मलिक ने की। मुख्य अतिथि के रूप में बांगर शिक्षा समिति के प्रधान लाला नरसीराम ने हिस्सा लिया। पंजाबी, हरियाणवी सहित फिल्मी गीतों पर छात्राओं द्वारा किए गए एकल, ग्रुप डांस में विद्यार्थी खूब झूमे। कन्या भ्रूण हत्या, अनपढ़ता, शराब बंदी विषय पर लघु नाटिका प्रस्तुत करके सामाजिक प्रेरणा देनो का काम किया गया। नशे की लत, वोट का अधिकार, गोत्र विवाह विवाद, ऑनर किलिंग विषय पर भी अपने-अपने तर्क प्रतिभागियों ने दिए।

लाला नरसीराम ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों में हिस्सा लेने से विद्यार्थियों को जहां अपनी संस्कृति के बारे में पता चलता है तो सामूहिक रूप से कार्यक्रम आयोजित करने से उनमें एकता की भावना भी पैदा होती है। आज समाज में सबसे बड़ी जरूरत है नारी शिक्षा की। नारी शिक्षा को जब तक बढ़ावा नहीं मिलता जब तक समाज तरक्की नहीं कर सकता है। युवा देश का भविष्य है। युवाओं की सोच बदलेगी तो आने वाले दिनों में परिणाम अच्छे होंगे। इस तरह के आयोजनों से प्रतिभागियों में मंच पर आने के प्रति प्रेरणा भी मिलती है। लाला नरसीराम द्वारा प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करने के लिए 21 हजार रुपए की राशि भी दी गई। प्राचार्य मलिक ने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताओं में छात्र-छात्राओं को बढ़चढ़ कर हिस्सा लेना चाहिए। इस मौके पर सुदेश राठी, संदीप कुमार, प्रमोद कुमार, रामपाल, रायसिंह आर्य, नफे सिंह, अनिल कुमार, डॉ. राजेश श्योकंद, डॉ. मुकेश बैनीवाल, नीना शर्मा, अल्का आदि मौजूद रहे।

सफीदों. मैटिजस्कूल में सेमिनार में संबोधित करते अनिल मलिक।

पिल्लूखेड़ा. विजेतास्कूली छात्र-छात्राओं के साथ निदेशक राजेश कुंडू शिक्षक।

उचाना. राजीवगांधी महाविद्यालय में प्रतिभा खोज कार्यक्रम में नृत्य करतीं छात्रा। (दाएं) नाटक का मंचन करते विद्यार्थी।