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शिलान्यास तो हुआ, लेकिन आज तक बन सकी सड़क

6 वर्ष पहले
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29 जनवरी को हो चुका है टेंडर : एसडीओ

अक्टूबर 2010 में हुआ था सड़क का शिलान्यास

समालखा | लाखोंरुपए की लागत से हलके के गांव बसाड़ा से महावटी तक बनने वाली सड़क का पांच साल पहले निर्माण को लेकर शिलान्यास तो कर दिया गया, लेकिन विभाग सड़क का निर्माण आज तक नहीं करा पाया है। रास्ते की बदहाली से जहां एक नहीं कई गांव के किसान परेशान हैं, वहीं, विभाग अपनी नाकामी को छिपाने के लिए ठेकेदार को जिम्मेदार ठहरा रहा है।

ग्रामीणों का आरोप है कि तत्कालीन विधायक ने शिलान्यास के बाद सुध नहीं ली और विभागीय अधिकारियों ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया। इसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है। नाखुश ग्रामीणों ने विभाग के खिलाफ रोष जताया।

समालखा. पत्थरगिराकर छोड़ी सड़क। (दाएं) 2010 में तत्कालीन विधायक द्वारा किए गए शिलान्यास का पत्थर।

बसाड़ा निवासी किसान अनिल कुमार, हंसराज, बलविंद्र, साधुराम, राजेश का कहना है कि मार्केटिंग बोर्ड की ओर से बसाड़ा से महावटी तक करीब बनने वाली सड़क के निर्माण कार्य का 2 अक्टूबर 2010 को तत्कालीन हलका विधायक धर्मसिंह छौक्कर ने शिलान्यास किया था। जिस पर लाखों रुपए की लागत आनी थी, लेकिन ठेकेदार ने पांच सालों में कुछ ही दूरी तक मिट्टी पत्थर डालकर काम को छोड़ दिया। जो अब काफी समय से बंद पड़ा है और दोनों ही गांव के लोगों को पक्के रास्ते की आस भी धूमिल हो चुकी है। विभागीय अनदेखी के कारण सड़क निर्माण में हो रही देरी को लेकर गांव के लोगों ने विधायक को कई बार अवगत कराया, लेकिन सिवाय आश्वासन के कुछ हाथ नहीं लग सका।

मार्केटिंग बोर्ड के एसडीओ दिनेश मित्तल का कहना है कि पांच साल पहले सड़क के निर्माण कार्य का शिलान्यास जरूर हुआ था। ठेकेदार कुछ दिन काम करने के बाद छोड़कर चला गया था। सड़क का दोबारा से 29 जनवरी को टेंडर हो चुका है। जिसे अलाटमेंट के लिए चंडीगढ़ भेजा जाएगा। जैसे ही वहां से पास होकर आएगा, काम करा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि करीब साठ लाख रुपए का काम बकाया है। सड़क के साथ कुछ गांव में सीसी का भी काम होना है।