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गबन मामले में मनाना के पूर्व सरपंच ग्राम सचिव को तीन साल की सजा

6 वर्ष पहले
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समालखा | मनानामें हुए गबन के मामले में पूर्व सरपंच तत्कालीन ग्राम सचिव को सब डिविजन ज्यूडिशियल मजिस्ट्रट मोना सिंह ने तीन तीन साल की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर एक एक हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। गांव के ही राजेंद्र राठी ने मामले की शिकायत कर सरपंच पर गबन के आरोप लगाए थे।

मनाना में 2000 से 2005 तक टेकचंद रंगा सरपंच रहे। इस दौरान गांव के ही ग्राम सुधार युवा समिति के प्रधान राजेंद्र राठी ने 18 अक्टूबर 2005 को तत्कालीन मुख्यमंत्री को शिकायत भेजकर सरपंच पर ग्राम विकास के पैसों में लाखों रुपए के गबन का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की थी। सरकार ने मामले की विजिलेंस जांच कराई थी। 27 जून 2007 को जांच में सरपंच टेकचंद रंगा ग्राम सचिव राजेश्वर को करीब छह लाख रुपए के गबन करने का आरोपी पाया गया। इसके बाद तत्कालीन बीडीपीओ ने दोनों के खिलाफ कई धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कराया। इसके बाद कुछ दिन अंदर रहकर दोनों हाईकोर्ट से जमानत पर चल रहे थे।

मामले में सभी की गवाही के बाद सुनवाई करते हुए सब डिविजन ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट मोना सिंह ने 22 जनवरी को पूर्व सरपंच टेकचंद रंगा तत्कालीन ग्राम सचिव राजेश्वर को तीन तीन साल की सजा एक एक हजार रुपए जुर्माने का फैसला सुनाया।