धान की बाली सूखी उत्पादन पर असर
किसानोंकी नकदी कही जाने वाली धान की फसल आगामी 10दिनों में पकने की उम्मीद है। अब बाली निकलनी शुरू हो गई। कई खेतों में पौधे से निकलने वाली बाली में दाना नहीं है। कृषि विभाग का कहना है कि पौधे की गोभ में कीड़ा लगने से ऐसा हो रहा है।
किसान कृषि विभाग की सलाह के अनुसार अपनी फसलों पर दवा का छिड़काव करें। जिले भर में करीब 30हजार हेक्टेयर में धान की फसल लगाई गई थी। इस बार बारिश कम होने से करीब सात हजार हेक्टेयर फसल सूखे की चपेट में गई। अब दतौड़ इस्माइला, गांधरा सहित कई गांवों में फसल में जो बाली निकल रही है वह दो दिन में सूख जाती है।
किसान अशोक कुमार, सीताराम महाबीर सिंह का कहना है कि जो बाली सूख रही है उसमें दाना नहीं बन रहा है। अगर बीमारी अधिक फैली तो उनको भारी नुकसान होगा।
इसके अलावा उत्पादन की जो उम्मीद है जो घट गई है। किसान सूखी बाली देख कर चिंता में है और कृषि विभाग के डॉक्टरों से संर्पक करने लगे हैं। उधर कृषि विभाग का कहना है कि फसल पकने जा रही है अब किसान अपनी फसल पर निगरानी रखें। अगर किसी खेत में इस तरह का रोग लगा है तो वे किसान कृषि वैज्ञानिकों की सलाह लेकर ही दवा का छिड़काव रखे। फसल पकने के बाद ही कटाई करें।