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2 हजार लाइसेंसी हथियार अब भी बाहर, 2 दिन में जमा कराएं
विधानसभाचुनाव के मतदान के लिए महज 17 दिन शेष बाकी हैं। इसके बावजूद 2 हजार हाथों में अब भी लाइसेंसी हथियार हैं। करीब साढ़े छह हजार में से 43 सौ लाइसेंसी हथियार ही जमा हो पाए हैं। इसके चलते डीआईजी ने सभी थाना प्रभारियों को सख्त आदेश दिए हैं कि वे दो दिन के अंदर सभी लोगों के हथियार जमा कराएं। हथियार जमा कराने वालों के खिलाफ केस दर्ज किया जाए।
लोकसभा चुनाव के बाद अब विधानसभा चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से कराना पुलिस के लिए चुनौती बन गया है। क्योंकि प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी जिले के हलके गढ़ी सांपला-किलोई से चुनाव लड़ रहे हैं। ऐसे में विपक्ष मुख्यमंत्री को घेरने का कोई भी मौका नहीं चूकेगी। इस कारण पूरे प्रदेश की नजरें जिले की सुरक्षा व्यवस्था पर है।
एकअक्टूबर को साफ हो जाएगी तस्वीर : पुलिसकी विशेष टीम हर बूथ नजर रखे हुए हैं। 1 अक्टूबर को नाम वापस लेने की तिथि है। इसके बाद तय हो जाएगा कि कौन-कौन प्रत्याशी मैदान में हैं।
रोहतक में सबसे ज्यादा लाइसेंसी हथियार
पुलिसके आंकड़ों पर नजर डाले तो रोहतक रेंज में 22 हजार के करीब हथियार हैं। उनमें सबसे ज्यादा साढ़े 6 हजार हथियार अकेले रोहतक जिले हैं। तीन दिन पहले आईजी ने इस बारे में अधिकारियों की बैठक लेकर लाइसेंस शस्त्र जमा करवाने को लेकर सख्त निर्देश दिए थे। साथ ही नागालैंड से जारी लाइसेंस पर खरीदे गए सभी हथियारों को जब्त करने के लिए कहा गया था। आईजी ने भी हथियारों पर नजर रखने के लिए एसआईटी का गठन कर दिया है।
सीएम का हलका सबसे संवेदनशील
चुनावआयोग पुलिस द्वारा तय किए गए मापदंडों के चलते गढ़ी सांपला हलका सबसे संवेदनशील माना गया है। सांघी, खिड़वाली , मकड़ौली, कटवाड़ा, चमारिया, बोहर, इस्माईला, सांपला, अटायल, कंसाला, रुड़की, आसन, मोरखेड़ी, बलियाना, खेड़ी साध बोहर ऐसे गांव है, जहां विशेष नजर रखी जा रही है। चुनाव आयोग की हिदायतों के तहत पुलिस हर रोज सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रही है। दूसरी तरफ महम में चुनाव जबरदस्त तरीके से फंसा हुआ है। मौजूदा विधायक कांग्रेस के आनंद सिंह दांगी जहां लगा सकते हैं। वहीं पिछली बार चूक गए भाजपा के शमशेर खरकड़ा अबकी भी कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते। इनेलो ने महंत सतीश दास को मैदान में उतारकर मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है। इस कारण पुलिस सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की कोताही