• Hindi News
  • Haryana
  • Sampla
  • बेटी को कन्यादान बताते हैं पर पैदा होने से घबराते हैं
--Advertisement--

बेटी को कन्यादान बताते हैं पर पैदा होने से घबराते हैं

सबके मन में खोट है, बेटी के जन्म पर चोट है, बेटी को कन्या दान बताते हैं, स्वयं बेटी पैदा करने से घबराते हैं। इन...

Dainik Bhaskar

Dec 28, 2015, 03:56 AM IST
बेटी को कन्यादान बताते हैं पर पैदा होने से घबराते हैं
सबके मन में खोट है, बेटी के जन्म पर चोट है, बेटी को कन्या दान बताते हैं, स्वयं बेटी पैदा करने से घबराते हैं। इन पंक्तियों के जरिए हास्य कवि बलवंत उर्फ बल्लू ने समाज पर तंज कसा। वे सांपला सांस्कृतिक मंच की ओर से नए वर्ष के स्वागत में 7 वें वार्षिक सम्मेलन में कविताओं से लोगों को बेटी बचाने का संदेश दे रहे थे। उन्होंने कविता के माध्यम से कहा कि भ्रष्टाचार आंतकवाद क्यों सिर पर सवार है क्यों कि लंगड़ी सरकार है। दीपक गुप्ता ने कहा कि आईना कभी झूठ नहीं बोलता, हास्य कविताएं सुना कर लोगों को मन जीत लिया।

जगबीर राठी ने टूटे परिवार और माटी का चूल्हा मां का प्यार दर्द भरी कविता पेश कर सभी का दिल जीत लिया। इस दौरान बुलंदशहर से आए कवि अर्जुन सिसोदिया ने देश पर शहीद होने वाले सैनिकों पर नेताओं की सोच डाॅ. शिव कुमार, गजराज कौशिक डाॅ. राजेश ने भई हास्य कविताएं सुनाकर लोगों को मंत्र मुग्ध कर दिया। कवि सम्मेलन के मुख्यअतिथि थाना प्रभारी राजबीर सिंह नगरपालिका चेयरमैन सुधीर औहल्याण रहे। मंच संचालन अन्तर साहिल ने किया। समारोह के आयोजक महाबीर मलिक, कविराज गोयल, अंतर, संजय गर्ग, प्रदीप, संजय बत्रा, ब्रह्मप्रकाश धमीजा आदि ने सहयोग किया।

सांपला में हास्य कलाकार अपनी कविता सुनाते हुए।

X
बेटी को कन्यादान बताते हैं पर पैदा होने से घबराते हैं
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..