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प्रत्याशी की सहमति के बिना प्रचार किया तो होगी कार्रवाई
प्रशासन ने मांगी अधिक फोर्स
डीआईजीसौरभ सिंह ने बताया कि लोकसभा चुनाव में 119 संवेदनशील 123 अतिसंवेदनशील मतदान केंद्र चिह्नित किए गए थे। अब सभी पार्टियों ने प्रत्याशी घोषित नहीं किए हैं। संवेदनशील अतिसंवेदनशील बूथों की संख्या घट या बढ़ सकती है। पुलिस जिला चुनाव अधिकारी से मीटिंग करके पैरामिलिट्री फोर्स तैनात की जाएगी। लोकसभा चुनाव में जहां छह कंपनी तैनात की गई थी, लेकिन अब नौ कंपनी मांगी गई हैं। क्योंकि विधानसभा चुनाव में स्थानीय मुद्दे ज्यादा होते हैं।
खुद वोट की जांच करें मतदाता
आयोगकी हिदायतों के तहत लोकसभा चुनाव के बाद मतदाता सूची की जांच पड़ताल की। किसी की मृत्यु होने या दूसरे एरिया में जाने पर करीब एक हजार वोट काटी गई हैं। मतदाता अपनी वोट की जांच करने के लिए केवल चुनाव आयोग, बल्कि जिला प्रशासन की साइट पर जा सकता है। साथ ही जिला चुनाव अधिकारी के कार्यालय में विशेष मशीन लगाई है, जहां मौजूद ऑपरेटर वोट के बारे में जानकारी देगा। साथ ही प्रशासन ज्यादा से ज्यादा मतदाताओं को मतदान केंद्र तक लाने के लिए जागरूकता अभियान चलाएगा।
डीसी ने चारों हलकों के रिटर्निंग ऑफिसर नियुक्त कर दिए हैं। इसमें एडीसी आरसी बिधान को गढ़ी सांपला-किलोई, एसडीएम रोहतक को रोहतक शहर, एसडीएम महम को महम हुडा के संपदा अधिकारी अमित गुलिया को कलानौर हलके का चुनाव अधिकारी बनाया गया है।
भास्कर न्यूज | रोहतक
विधानसभाचुनाव में अगर किसी समर्थक ने अपने प्रत्याशी की सहमति के बिना प्रचार किया तो उसने के खिलाफ आईपीसी की धारा 171 के तहत कार्रवाई हो सकती है। इससे पहले प्रत्याशी के बयान दर्ज किए गए जाएंगे। अगर प्रत्याशी यह कहता है कि उसकी सहमति से प्रचार किया जा रहा है तो प्रचार खर्च को उसके खाते में जोड़ दिया जाएगा। साथ ही खर्च सीमा 28 लाख से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। अगर ज्यादा राशि सामने आई तो आयोग नामांकन या चुनाव रद्द कर सकता है। शनिवार को डीसी एवं चुनाव अधिकारी डॉ. अमित अग्रवाल ने यह जानकारी दी। इसमें गाड़ी पर झंड़ा, पोस्टर, बैनर, लाउडस्पीकर अथवा प्रचार सामग्री रखना भी शामिल है।
737केंद्रों पर होगा मतदान : डॉ.अग्रवाल ने बताया कि जिले में मतदान केंद्रों की कुल संख्या बढ़कर 737 हो गई है। लोकसभा चुनाव में मतदान केंद्रों की संख्या 730 रही, लेकिन अब सात केंद्र ऐसे हैं जहां मतदाताओं की संख्या 1500 स