भैसरु खुर्द और गिझी में गूंज रही है बेटियों की किलकारी
^सामुदायिकस्वास्थ्य केंद्र की एसएमओ रेणु भांभू ने बताया कि नए साल में कई गांवों में लिंगानुपात में सुधार हुआ है। विभाग द्वारा गावों में अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
लिंगानुपात के मामले में सांपला ब्लाॅक के कई गांवों में नए साल में हुआ व्यापक सुधार
भास्कर न्यूज | सांपला
लिंगानुपातके मामले में सांपला ब्लाॅक में निचले पायदान पर रहने की शर्मिंदगी झेल रहे कई गांवों में नए साल में व्यापक सुधार हुआ हैं। जनवरी में आधा दर्जन गांव सांपला ब्लाॅक को लिंगानुपात में गौरवांवित किया हैं। जबकि 2015 में इन गांवों का रेशियो ब्लाॅक में कम था। स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार जनवरी में गिझी गांव में आठ बच्चों ने जन्म लिया, इनमें से छह लड़की जन्मी हैं। वहीं दतौड़ में चार बच्चों में से तीन लड़की, खेड़ी साध में पांच बच्चों ने जन्म लिया इनमें से तीन लड़की, कारौर में तीन लड़की एक लड़का भैसरु खुर्द में एक लड़का तीन लड़कियों ने जन्म लिया है।
पंचायतभी चलाएंगी
अभियान
लिंगअनुपात बढ़ाने के लिए नई चुनी गई पंचायत भी अब बेटियों के लिए गांव में जागरुकता अभियान चलाएंगी। गिझी गांव के सरपंच महेंद्र सिंह पहलवान दतौड़ के सरपंच सुरेंद्र कौशिक नयाबांस के सरपंच जसबीर, भैसरुकला की सरपंच मीना देवी चुलियाणा रोज से सरपंच कविता देवी गांधरा की सरपंच रजनी देवी पाकस्मा से सरपंच मुकेश राणा ने कहा है कि गांव में लिंगानुपात को लेकर जागरुकता अभियान चलाएंगे ओर बेटी को जन्म देने वाली माता को पंचायत की तरफ से सम्मानित किया जाएगा।