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सांपला और आसपास के गांवों में बेसहारा पशु बने आफत / सांपला और आसपास के गांवों में बेसहारा पशु बने आफत

Bhaskar News Network

Jan 10, 2018, 09:20 AM IST

Sampla News - कस्बेमें इन दिनों बेसहारा पशु लोगों के लिए मुसीबत बने हुए हैं। ग्रामीणों के अनुसार पिछले कई दिनों से ये पशु उनकी...

सांपला और आसपास के गांवों में बेसहारा पशु बने आफत
कस्बेमें इन दिनों बेसहारा पशु लोगों के लिए मुसीबत बने हुए हैं। ग्रामीणों के अनुसार पिछले कई दिनों से ये पशु उनकी फसलों का काफी नुकसान पहुंचा रहे हैं। इसके चलते इस कड़ाके की ठंड में भी किसान रात भर जाग कर अपनी फसलों की रखवाली करने को मजबूर हैं। मार्च 2017 में सरकार ने शहरों गांवों में बेसहारा पशुओं की समस्या से निजात की याेजना बनाई थी।

इसके तहत शहर और कस्बों में नंदीशाला और गांवों में पशुबाड़ों का निर्माण होना था। लेकिन अभी तक ये योजना हर कस्बे या गांव में कारगर साबित नहीं हो पाई है। सांपला में इन दिनों बेसहारा पशुओं ने खेतों में फसलों को खराब कर आतंक मचा रखा है।ग्रामीणों का आरोप-गोशाला नंदीशाला वाले नहीं रखते इन पशुओं को बेसहारा पशुओं द्वारा फसलों को खराब करने की समस्या से सांपला कस्बे के आसपास के गांव भी इस समस्या से अछूते नहीं हैं। सांपला इस्माइला, दातौड़, गिझी, नयाबांस, खेड़ी सांपला, हसगनढ़, समचाना , अटायल, गांधरा समेत कई गांव इन पशुओं से परेशान हैं। किसानों का कहना है कि ये पशु दिन में तो गांव बस्ती के आस पास बैठे रहते है शाम होते ही भोजन की तलाश मेंं खेतों में निकल जाते है। जिस खेत में मौका लगा उस में घुस कर भारी नुकसान पहुंचाते है। किसान सीताराम, रणसिंह, काके, राजेश कुमार का आरोप है कि जब वो इन पशुओं को पकड़ कर गोशाला नंदीशाला ले जाते हैं तो वहां के प्रबंधक इन्हें अपने पास रखने से मना कर देते हैं। किसानों ने प्रशासन से बेसहारा पशुओं की समस्या से निजात दिलाने की मांग की है।

सांपला. बेसहारापशु गेहंूू की फसल को खाते हुए।

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