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यमुना भूमि विवाद : यथास्थिति बनाए रखें दोनों प्रदेशों के किसान
भास्कर न्यूज | बापौली/सनौली
हरियाणा-उत्तरप्रदेशयमुना भूमि सीमा विवाद को सुलझाने को लेकर सोमवार को मार्केट कमेटी बापौली के कार्यालय में दोनों राज्यों के उपमंडलीय प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें हरियाणा की ओर से एसडीएम समालखा प्रदीप कौशिक सहित अन्य राजस्व संबंधित अधिकारियों यूपी की से एसडीएम कैराना सुरेश कुमार मिश्रा अन्य अधिकारियों ने भाग लिया।
इस दौरान विवादित भूमि के रिकाॅर्ड का मिलान कर दीक्षित अवार्ड के तहत भूमि के आदान प्रदान पर विचार विमर्श किया गया। अगली बैठक होने तक यथास्थिति बनाए रखने का निर्णय लिया गया। एसडीएम कैराना ने कहा कि जब तक वो रिकार्ड को कानूनी रूप से ठीक करते हैं, तब तक शांति बरकरार रखे, जिस पर दोनों प्रदेशोंं के किसान पुलिस प्रशासन राजी हो गया। एसडीएम समालखा प्रदीप कौशिक ने कहा कि शीघ्र ही दोबारा फिर दोनों प्रदेशों के अधिकारियों की बैठक होगी। इसमें विवाद को पूर्णत सुलझा लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि उत्तरप्रदेश के गांव टांडा से दीक्षित अवार्ड के तहत वर्ष 1987 के रिकार्ड के मुताबिक निशानदेही शुरू हो चुकी है और बाद में दोनों प्रदेशो की सीमा पर पिल्लर लगाए जाएंगे। इस मौके पर डीआरओ विद्यासागर बठला, नायब तहसीलदार विजय कुमार, एसएचओ बापौली गौरीदत्त शर्मा, एसएचओ कैराना राकेश कुमार शर्मा, कानूनगो अशोक कुमार मौजूद रहे।
सनौली. यमुनाभूमि विवाद सुलझाने को हरियाणा और यूपी के एसडीएम बैठक करते हुए।
सप्ताह बाद फिर होगी बैठक
इसबारे में एसडीएम समालखा प्रदीप कौशिक नायब तहसीलदार बापौली विजय कुमार ने बताया कि बैठक में जमीनी विवाद का स्थाई समाधान नहीं हो सका है। सप्ताह बाद दोबारा फिर बैठक की जाएगी, तब तक इस भूमि पर दोनों प्रदेशों के किसानों को नहीं जाने के आदेश दिए गए हैं।