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- कर्क राशि के गुरु में आरंभ होंगे शारदीय नवरात्र खरीददारी सहित अन्य कार्यों के हैं शुभमुहूर्त
कर्क राशि के गुरु में आरंभ होंगे शारदीय नवरात्र खरीददारी सहित अन्य कार्यों के हैं शुभमुहूर्त
पितृपक्षमें इस बार अमावस्या दो दिन रहेगी। पंडितों के अनुसार 23 सितंबर सुबह 9.46 बजे तक चतुर्दशी है। इसके बाद अमावस्या शुरू होगी, जो24 सितंबर तक रहेगी। पितृ तर्पण श्राद्ध 23 को होगा। 24 सितंबर को स्नान-दान और देवकार्य के लिए अमावस्या रहेगी।
इन शुभ मुहूर्त में खरीददारी करें
21सितंबर - पितृपक्षमें गजकेसरी योग है। जो खरीददारी के लिए सर्वश्रेष्ठ है।
25सितंबर - नवरात्रआरंभ, हस्त नक्षत्र ब्रम्ह योग।
27सितंबर -स्वार्थ सिद्धियोग।
29सितंबर- सवार्थसिद्धि योग, ललिता पंचमी।
3अक्टूबर- सवार्थसिद्धि योग विजयादशमी।
भास्कर न्यूज | सतनाली मंडी
श्राद्धपक्ष के तीन दिन और शेष हैं। इन दिनों दो श्रेष्ठ मुहूर्त के साथ दो अमावस्या के योग हैं। श्राद्ध पक्ष के साथ नवरात्रि में कई शुभ संयोग बनेंगे। इनमें खरीददारी सहित अन्य शुभ कार्य किए जा सकते हैं।
श्राद्धपक्ष में रविवार को गजकेसरी योग बन रहा है।
शारदीयनवरात्रि में तीन दिन सवार्थ सिद्धि योग का महासंयोग बनेगा। सवार्थ सिद्धि योग खरीददारी के साथ नए कार्य की शुरूआत के लिए सर्वश्रेष्ठ है। पंडित सत्यनारायण शास्त्री के अनुसार 25 सितंबर को हस्त नक्षत्र, ब्रम्ह योग, कन्या राशि का चन्द्रमा, कर्क राशि के गुरू में शारदीय देवी नवरात्रि का आरंभ होगा।
संयोग से शनि और गुरु उच्च राशि में पुष्य नक्षत्रों का राजा है। इसमें सभी कार्य स्थिर होते हैं। ग्रंथों में शनि को नक्षत्र का स्वामी माना जाता है। गुरु शुभ का कारक है। शनि स्थिरता का। इस साल संयोग से शनि भी उच्च राशि में है और गुरु अपनी उच्च राशि कर्क में है। स्वार्थ सिद्धि योग-नवरात्रि में तीन दिन रहे सवार्थ सिद्धि योग भी सर्वश्रेष्ठ हैं। यह सभी कार्य को सिद्ध करने वाले हैं।