बाणी से ही मिल सकती है समाज को सही दिशा : रमेश
मारकंडानेशनलकॉलेज शाहाबाद मारकंडा में पंजाबी विभाग की ओर से उच्चतर शिक्षा विभाग हरियाणा सरकार के सहयोग से श्री गुरु ग्रंथ साहिब विचार धारक परिपेक्ष विषयक एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमीनार किया गया। सेमीनार का उद्घाटन पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ के भाषा विभाग के डीन और गुरु नानक सिख स्टडी की चेयरपर्सन प्रो. जसपाल कौर कांग ने किया।
प्रथम सत्र में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय पंजाबी विभाग के अध्यक्ष प्रो. रजिंद्र सिंह भट्टी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। दिल्ली विश्वविद्यालय दिल्ली से प्रो. जगबीर सिंह ने गुरबाणी के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। एमएलएन कॉलेज यमुनानगर के पूर्व प्राचार्य रमेश कुमार ने साधारण भाषा में श्री गुरु ग्रंथ साहिब में दर्ज बाणी से समाज को मिलने वाली सही दिशा के बारे बताया। पंजाबी विश्वविद्यालय पटियाला से अतिरिक्त डीन ऑफ कॉलेजिस प्रो. रजिंद्रपाल सिंह बराड़ ने आज के पदार्थवादी युग में अपने पथ से भटके हुए मनुष्य को सही रास्ते पर गुरबाणी के माध्यम से प्रेरणा लेने के बारे में अपना भाषण प्रस्तुत किया। मंच का संचालन कॉलेज के पंजाबी विभाग के अध्यक्ष डा. चूहड़ सिंह ने करते हुए सेमीनार के विषय श्री गुरु ग्रंथ साहिब में दर्ज 6 गुरुओं, 15 भक्तों, 11 भट्टों 4 गुरु घर के श्रद्धालुओं की बाणी से मनुष्य को एक अच्छा मनुष्य बनने के लिए इन 36 महापुरुषों से प्रेरणा लेने की बात की। इसके अलावा डॉ. दलजीत कौर डॉ. परमजीत कौर ने शोध पत्र पढ़ा। दूसरे सत्र की अध्यक्षता डा. राजिंद्र पाल सिंह बराड़ ने की। इस सत्र में डॉ. निर्मल सिंह, डॉ. नरिंद्रपाल सिंह डॉ. मेजर सिंह ने अपने शोध-पत्र प्रस्तुत किए। दरबार साहिब श्री अमृतसर के पूर्व मुख्य ग्रंथी ज्ञानी जगतार सिंह नायक ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब की महानता पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर गजलकार जोगिंद्र सिंह, कुलवंत सिंह रफीक, राजकीय कॉलेज साहा से प्राचार्य डॉ. मंगल सिंह, डॉ. हरजीत सिंह, डॉ. तिलक राज, डॉ. अशोक कुमार, डॉ. बलविंद्र सिंह, प्रो. हरपाल, गुरनाम सिंह, साधना कोहली, मंजू गुप्ता मौजूद रहे।