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मैक में सजी केरल लोक नृत्यों की सांझ

7 वर्ष पहले
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एमएन कॉलेज में रही केरल उत्सव की धूम

मल्टीआर्टकल्चरल सेंटर और भारत भवन केरल की तरफ से मैक में केरल उत्सव का रंगारंग आगाज बीती रात हुआ। चार दिन प्रदेश के अलग-अलग शहरों में केरल लोक नृत्य उत्सव होगा। मैक द्वारा कला संस्कृति के आदान प्रदान को लेकर चलाए गए कार्यक्रम के तहत केरल के लोक नृत्यों का दूसरी बार हरियाणा में आयोजन कराया गया। केरल के संस्कृति मंत्रालय से मुख्य सचिव मोहन कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर विधिवत शुभारंभ किया। वहीं भारत भवन केरल के उपाध्यक्ष न्याटिंग के. सनल, सचिव सथीश बाबू पायन्नूर, फोक लोर अकादमी केरल के सचिव प्रदीप कुमार, गुड़गांव मंडल के पूर्व आयुक्त टीके शर्मा मैक उपाध्यक्ष चंद्र शर्मा मौजूद थे।

हरियाणा में चार दिन तक चलने वाले इस उत्सव में केरल के लोक नृत्यों को दिखाया गया। केरल लोक नृत्य उत्सव की शुरुआत निलेश्वर विद्या संगम द्वारा थ्यम्बका नृत्य से की गई। इसमें कलाकारों द्वारा एक वाद्य चेंडा पर अलग-अलग धुनों को बजाकर नृत्य प्रस्तुत किया गया। इस नृत्य के मध्य में रहने वाला चेंडा वादक अन्य कलाकारों को चुनौती के रूप में धुनें देता है। जिसे स्वीकार करके अन्य वादक धुन बजाते हैं। थ्यम्बका के बाद केरल का धार्मिक नृत्य थय्यम प्रस्तुत किया गया। थय्यम नृत्य में केरल के करिवेल्लूर के लोग अपनी अदाकारी के माध्यम से सुग्रीव, बाली के वृतांत को लोगों के बीच रखते हैं। केवल थय्यम नृत्य काबिलेतारीफ रहा बल्कि इसमें कलाकार द्वारा पहनी गई वेशभूषा तथा श्रृंगार ने भी सभी को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। उसके बाद भारत के आठ शास्त्रीय नृत्यों में से एक केरल का मोहिनीअट्टम प्रस्तुत किया गया। जिसमें महिला कलाकारों ने अपने नृत्य तथा भावभगिंमाओं से रामायण प्रस्तुत कर भरपूर वाहवाही लूटी। महिला कलाकारों द्वारा ही केरल के इसाई समुदाय के नृत्य मरगमकली को भी बखूबी प्रस्तुत किया गया। इसके अतिरिक्त मार्शल आर्ट पर आधारित कल्लरीपट्टू नृत्य में केरल के कलाकारों ने एक से एक जोखिम भरे करतब दिखाकर दर्शकों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम की अंतिम प्रस्तुति नुपूरा डांस अकादमी के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किया गया ओपन्ना नृत्य रही। मुस्लिम समुदाय द्वारा शादी समारोह पर किए जाने वाले ओपन्ना नृत्य में कलाकारों ने मृदंग के साथ ताली का प्रयोग करते हुए अपनी प्रतिभा को दिख