\"क्रोध से होता है बुद्धि का नाश\'
शाहाबाद| वृंदावनधाम से पधारे तेजस्वी दास महाराज ने कहा कि कामना की पूर्ति होने से क्रोध उत्पन्न होता है। क्रोध से बुद्धि का नाश होता है और नाश हुई बुद्धि जीव के विनाश का कारण बनती है। तेजस्वी दास गीता भागवत प्रचार समिति द्वारा खालसा सरबत भवन में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में प्रवचन कर रहे थे। मोक्ष के स्वरूप के पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि जीव का जन्म मरण से छूटना ही मोक्ष की प्राप्ति है। यह इसी मानव चोले में प्राप्त किया जा सकता है। इंसान के जीते जी जब सब दु:खों की अत्यांतिक निवृत्ति हो जाती है और परमानंद की प्राप्ति हो जाती है ऐसे गुणातीत व्यक्ति को जीवन्मुक्त की संज्ञा दी जाती है और वह मोक्ष को प्राप्त हो जाता है। उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति परम पुरुष कृष्ण के तत्व विषय को सुनने का अभ्यस्त हो जाता है तो ऐसे श्रोता के हृदय में भक्ति जागृत हो जाती है और जैसे ही भक्ति जागृत होती है तो भक्ति 3 दोषों का सफाया कर देती है शोक, मोह और भय। मौके पर राकेश गर्ग, हरविंद्र गोयल, राजीव अग्रवाल, सुनील भसीन, शिव दर्शन, निधि गाबा, अंजु जुनेजा, रानी बंसल, चुनौती अग्रवाल, कल्पना शर्मा, लीना गोयल, महेश सपड़ा और अंबिका मौजूद थे।