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शाहाबाद शुगर मिल फिर से रिकार्ड बनाने की तरफ
शाहाबाद| प्रदेशकी शुगर मिलें अब घाटे से नफे की तरफ बढ़ रही हैं। लेकिन शाहाबाद की शुगर मिल पहले से ही प्रदेश में सबसे अव्वल है। अपनी वर्किंग के चलते शाहाबाद मिल कई बार राष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुकी है। इस साल भी राष्ट्रीय फलक पर आने के मकसद से मिल लक्ष्य को पूरा करने में जुटी है। सहकारिता राज्य मंत्री विक्रम सिंह ने भी माना कि शाहाबाद सहकारी मिल प्रदेश की सबसे अव्वल मिल है। सिंह रविवार को शाहाबाद शुगर मिल का निरीक्षण करने पहुंचे थे।
यहां उन्होंने पहले गन्ने की पिराई, उठाई, ढुलाई, मशीनों की सफाई व्यवस्था, शुगर मिल की सफाई व्यवस्था, चीनी की गुणवत्ता, चीनी बनने की प्रक्रिया के साथ-साथ चीनी की बोरियों के नाप तोल आदि की जानकारी ली। राज्यमंत्री ने किसानों को खुलकर अपने मन की बात कहने को कहा। हालांकि किसानों ने शाहाबाद शुगर मिल के प्रबंध यहां की सुविधाओं पर संतोष जताया। पत्रकारों से बातचीत में सिंह ने कहा कि सहकारी चीनी मिल किसानों के हित के लिए चलाई जा रही हैं। भाजपा सरकार प्रदेश की सभी सहकारी चीनी मिलों में आधा प्रतिशत सुधार ला चुकी है।
शाहाबाद मिल बना चुकी तीन लाख क्विंटल चीनी
शाहाबादशुगर मिल पिराई रिकवरी में हरियाणा के सभी सहकारी चीनी मिलों में पहले स्थान पर है। इस सत्र में अब तक 32.29 लाख क्विंटल पिराई मिल कर चुकी है। जिससे तीन लाख 8 हजार 950 क्विंटल चीनी का उत्पादन किया जा चुका है। इस सत्र में 2,43,74,900 बिजली यूनिट निर्यात की, जिससे मिल को नौ करोड़ 87 लाख 18 हजार 345 की अलग कमाई हुई। मिल की इस समय ऑन डेट रिकवरी 9.90 प्रतिशत टूडेट रिकवरी 9.76 प्रतिशत है। किसानों को 87.47 करोड़ रुपए का भुगतान कर चुकी है।
बेहतरबीज लाने पर मिलेगा किराया
मिलके एमडी देवेंद्र कौशिक ने बताया कि शाहाबाद शुगर मिल ने 11.90 करोड़ की एक भावी गन्ना विकास योजना तैयार की है, जिसमें किसानों को ब्याज मुक्त गन्ना, बीज लोन, किसानों को विभिन्न अनुसंधान केंद्रों पड़ोसी राज्यों से गन्ने की उन्नत किस्म का बीज लाने के लिए 50 रुपए प्रति क्विंटल की दर से ट्रांसपोर्ट अनुदान आदि शामिल है।