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नौ माह ससुरालियों को बेवकूफ बनाया फिर 28 दिन बच्ची की मां को तड़पाया

6 वर्ष पहले
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आखिरकार28दिन बाद जाकर बेबी के कलेेजे का खोया टुकड़ा मिल गया। बुधवार को पुलिस ने बेबी की चोरी हुई बच्ची को खोज निकाला। बच्ची चोरी के आरोप में पुलिस ने खरींडवा की मनजीत को गिरफ्तार किया है। जैसे ही बेबी ने अपनी बेटी देखी तो उसकी आंखों से आंसुओं की धारा फूट पड़ी। औपचारिकताएं पूरी कर पुलिस ने नवजात बच्ची उसके हवाले कर दी। बता दें कि 14 जनवरी को एक महिला खुद को आंगनबाड़ी वर्कर बताते हुए बच्ची का वजन कराने के बहाने अहमदपुर की बेबी से सीएचसी में उसकी बेटी को ले गई थी। इसके बाद पता चला कि बच्ची चोरी हो गई।

मैंजानती हूं, कैसे तड़पी हूं मैं : ठीक28 दिनों के बाद अहमदपुर की बेबी को मिली उसकी गुम हुई बच्ची। बच्ची को पाकर खुश बेबी ने कहा कि वह एक महीना मछली की तरह तड़पी है। कोई भी ऐसा देवी-देवता नहीं जिसकी उसने बेटी पाने के लिए मन्नत मांगी हो। 12 जनवरी की रात को लगभग डेढ़ बजे उसने बच्ची को जन्म दिया था। 14 जनवरी को दोपहर लगभग 12 बजे उसे अस्पताल से छुट्टी मिल गई। उसका पति संजीव एंबुलेंस को लेने के लिए चला गया इसी बीच एक महिला जिसने अपना मुंह शाल से ढका हुआ था, वार्ड में पहुंची और वह वजन करने के बहाने नवजात बच्ची को बेबी से लेकर फरार हो गई थी।

लड़कीकी ही थी चाहत : मनजीतकौर ने बताया कि उसके ससुराल में तीन पीढ़ियों से कोई लड़की नहीं थी, इसलिए उसकी चाहत भी लड़की की ही थी। उस दिन सीएचसी में तीन डिलीवरी हुई थी, जिसमें दो लड़के एक लड़की हुए थे। उसने बताया कि जैसे ही गांव में उनके घर लड़की होने का पता चला तो पूरे गांव में लड्डू बांटे गए और उसके मायके महुआ खेड़ी से भी बच्चा होने पर आने वाले जामन पर भी 70-80 हजार रुपए का सामान आया था और दोनों परिवारों में खुशियां मनाई गई थी।

नहींलगा कुछ भी पता : सुरेश: मनजीतके पति सुरेश ने बताया कि उसकी प|ी लगातार आठ महीने तक इलाज के लिए शाहाबाद के प्राइवेट अस्पताल मेें आती रही। कईं बार उसके साथ वह स्वयं या उसकी माता भी आई। लेकिन उन्हें कभी भी इस बात का अंदाजा नहीं लगा कि वह गर्भवती होने का स्वांग रच रही है।

आंखेंदेखते ही लिया पहचान : हालांकिइस बात का खुलासा लगभग 11 बजे हो गया था लेकिन बेटी खोने से टूट चुकी बेबी अपने मायके चिलकाना यूपी में चली गई थी। अपनी सास की गोद में अपनी लाडली को बेबी ने देखते ही पहचान लिया। इसके बाद उसने उसकी सुंडी, पांव नाक को गौर से देखा और कहा - हां यही है मेरी लाडली। इसके बाद पुलिस कर्मी बेबी को बच्चा ले जाने वाली महिला मनजीत कौर के पास ले गए।

मंगलवार को शक होने पर जब पुलिस अधिकारी खरींडवा में मनजीत कौर के घर पहुंचे तो महिला पुलिसकर्मी ने बच्ची को फीड कराने के लिए कहा। लेकिन स्तनों से दूध नहीं आया, जिससे शक पुख्ता हुआ। बुधवार को थाना शाहाबाद में भी पुन: जांच हुई और जब सख्ती से पूछा गया तो मनजीत कौर ने फंसता देख सब कुछ उगल दिया। इसके अलावा जब मनजीत के इलाज के कागजात देखे गए तो उसमें अल्ट्रासाउंड भी गर्भाश्य की बजाए किडनी का बताया गया।

यूं लगाया पुलिस ने सुराग

सिटीपुलिस ने धारा 365 के तहत बच्ची चोरी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। एसपी सिमरदीप सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते डीएसपी अनिल यादव की अगुवाई में पांच टीमें लगाई। पुलिस टीमों ने गांवों में जाकर उन दिनों में हुई डिलीवरी को जांचा। देखा कि किन बच्चों का जन्म का रजिस्ट्रेशन हुआ है या नहीं। अनिल यादव ने बताया कि पुलिस टीम को खरींडवा में एक बच्ची का रजिस्ट्रेशन नहीं मिला। इसके लिए उन्होंने सिद्धार्थ बंसल अस्पताल में भी पूछताछ की। वहां पाया कि ऐसी कोई डिलीवरी नहीं हुई थी। शक के आधार पर मंगलवार को खरींडवा निवासी मनजीत प|ी सुरेश कुमार से पूछताछ की गई। लेकिन उसने कोई जानकारी नहीं दी। बुधवार को जब पुलिस ने सख्ती से पूछा तो मनजीत कौर ने सच उगल दिया।

घरवालों को रखा अंधेरे में, कहा खुद की बच्ची

28वर्षीय मनजीत कौर की शादी करीब दो साल पहले खरींडवा निवासी सुरेश कुमार के साथ हुई थी। वह कई महीने गर्भवती नहीं हुई। ससुराल मायकेवाले और परिचित अक्सर पूछते। इलाज भी कराया, लेकिन एक रोज उसने ससुराल वालों को झूठ बोल दिया कि वह गर्भवती है। किसी को उस पर शक हो, इसके लिए वह शाहाबाद के एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज के बहाने आती भी रही। घरवालों को डिलीवरी की तिथि 14 जनवरी बता दी। नौ महीने तक किसी तरह उसने अपने गर्भवती होने के झूठ को उजागर नहीं होने दिया। 14 को वह अपनी सास के साथ शाहाबाद आई थी। सास को उसने बाजार भेज दिया। उसे कहा कि वह अस्पताल जा रही है। सीएचसी में गई और वहां से बच्ची को उठाकर वापस प्राइवेट अस्पताल के परिसर में गई। बाद में शाम को उसकी सास वहां पहुंची तो उसने यही कहा कि उसे नार्मल डिलीवरी से बेटी हुई है। इसी लिए जल्दी छुट्टी मिल गई। सास ने भी मान लिया और वे लोग घर गए।

शाहाबाद। थाना शाहाबाद में अपनी गुम हुई बेटी को पाकर खुश होते माता-पिता।