पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • खिताब से चूकी टीम, कोच बोले पहले ही कहा था टीम नहीं सही

खिताब से चूकी टीम, कोच बोले- पहले ही कहा था टीम नहीं सही

6 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
प्रदेशकीमहिला हॉकी टीम इस बार नेशनल गेम्स में पांचवीं मर्तबा चैंपियन बनने से चूक गई। हालांकि टीम को सिल्वर मेडल मिला है। लेकिन हॉकी के द्रोणाचार्य अवार्डी एवं इसी टीम चयन पर सवालिया निशान उठा चुके कोच बलदेव सिंह ने कहा कि यदि टीम सेलेक्शन सही होता तो सिल्वर नहीं, हरियाणा गोल्ड लेकर आता।

पांचवीं बार भी नेशनल गेम्स हम जीतते। अब चार साल बाद ही यह मौका आएगा। केरल में चल रहे 35वें नेशनल गेम्स में महिला हॉकी का फाइनल हरियाणा पंजाब के बीच हुआ।

फाइनल में पंजाब की टीम ने हरियाणा को 3-1 से शिकस्त दी। पंजाब ने टीम के पांचवीं बार गोल्ड जीतने की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। जबकि पहले पंजाब को हरियाणा नेशनल गेम्स में हरा भी चुका है।

बेहतररहा टीम का प्रदर्शन : नेशनलटीम की खिलाड़ी शिवानी सैनी के पिता एवं हॉकी कोच शिव कुमार सैनी ने कहा कि टीम ने नेशनल गेम्स में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। इसी प्रदर्शन की बदौलत टीम फाइनल तक पहुंच पाई है। हालांकि टीम खिताब से चूक गई। कोच गुरविंद ने भी टीम को बधाई दी।

जिला खेल अधिकारी यशवीर सिंह गोयल का कहना है कि इस टीम में जिले की चार खिलाड़ी शामिल हैं।

कैसेप्रीतम खुद ही बनी कप्तान : कोचबलदेव सिंह का कहना है कि उन्होंने पहले ही कहा था कि उक्त टीम का सेलेक्शन सही नहीं है। इसमें शाहाबाद की खिलाड़ियों की अनदेखी की गई। हॉकी हरियाणा ने भेदभाव किया। कहा कि प्रीतम पहले कोच बनी। फिर हरियाणा की टीम की कप्तान बन गई। जबकि उन्होंने सन 2001 में पंजाब में हुए नेशनल गेम्स में हिस्सा लिया था। क्या इतने बरस बाद भी प्रीतम को कप्तान बनना चाहिए था। जबकि उनसे कहीं बेहतर खिलाड़ी शाहाबाद में हैं।

शाहाबाद की बदौलत चार बार विजेता

द्रोणाचार्यअवार्डी एवं शाहाबाद हॉकी अकादमी के इंचार्ज कोच बलदेव सिंह ने कहा कि शाहाबाद की खिलाड़ियों की बदौलत चार बार हम विजेता रहे तो एक बार उपविजेता। सन 99 में मणिपुर में हुए नेशनल गेम्स में सिल्वर मिला था। इसमें 15 खिलाड़ी शाहाबाद की थी। सन 2001 में पंजाब में हुए गेम्स में 13 खिलाड़ी थी। जब पंजाब को 5-1 से हराया था। हैदराबाद में 2004 में झारखंड को 5-1 से हराया। इस टीम में 13 खिलाड़ी शाहाबाद की थीं। इसके बाद गुवाहटी रांची में पिछले नेशनल गेम्स में झारखंड को हराकर नेशनल चैंपियन बनी थी हरियाणा की टीम।

दैनिक भास्कर में छपी खबर