प्रशासन सिरे नहीं चढ़ा पा रहा नंदीशाला का निर्माण
शहरमें नंदीशाला का निर्माण करना सीएम की घोषणा का एक हिस्सा है। लेकिन फिर भी इस संबंध में प्रशासन की माथापच्ची अभी तक सिरे नहीं चढ़ सकी है। नतीजतन, शहर के बाजारों और गलियों में दिनरात विचरण करने वाले बेसहारा पशु शहरवासियों के लिए परेशानी और सड़क दुर्घटनाओं का सबब बने हुए हैं। ठंड में पशुओं की मौत भी हो रही है। पशुओं की मृत्यु दर में इजाफा भी होता जा रहा है। एक महीने में औसतन चार पशुओं की मौत हाे रही है। इस बात की पुष्टि नगर परिषद प्रशासन भी कर रहा है। लेकिन इन पशुओं की सुरक्षा और देखरेख करने में प्रशासन नाकाम साबित हो रहा है।
हालांकि बीते साल नगर परिषद प्रशासन ने नंदीशाला के लिए बरनाला रोड पर जगह का चयन भी किया था। चयनित की गई जगह पर राजकीय नेशनल कॉलेज के प्रिंसिपल का अावास होता था जिसे कंडम घोषित कर तोड़ कर जगह को समतल कर दिया गया था। लेकिन इस जगह के पिछवाड़े स्थित बांसल कॉलोनी और कोर्ट कॉलोनी के लोगों ने यहां नंदीशाला बनाने का विरोध करना शुरू कर दिया। इस वजह से प्रशासन ने इस जगह को नंदीशाला के लिए रद्द कर दिया। बाद में प्रशासन ने सिरसा बाइपास रोड पर सीडीएलयू के सामने खाली जगह जहां पर सीवर के पानी का जमाव होता है उसे नंदीशाला के लिए चयन किया लेकिन वह भी बात सिरे नहीं चढ़ी। अब कुछ दिन पहले सिरसा के साथ लगते गांव केलनियां में 6 एकड़ जगह नंदीशाला के लिए चयनित की गई। इस जगह के लिए बीडीपीओ कार्यालय को सभी नियम एवं शर्तें तैयार कर रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है लेकिन बीडीपीओ कार्यालय से वह रिपोर्ट अभी तक तैयार नहीं की जा सकी है।
परमजीत सिंह चहल, नगर परिषद के प्रशासक एसडीएम
नगर परिषद प्रशासन के पास बजट है कर्मचारी
नगरपरिषद प्रशासन के पास नंदीशाला के लिए तो बजट है और ही बेसहारा पशुओं की देखरेख के लिए पर्याप्त कर्मचारी हैं। इसलिए नप प्रशासन इस मामले में ज्यादा दिलचस्पी भी नहीं ले रहा है। प्रशासन यह चाहता है कि बेसहारा पशुओं की देखरेख का जिम्मा शहर के गोभक्त या कोई सामाजिक संस्था ले। शहर में करीब 2000 से ज्यादा बेसहारा पशु हैं जो सड़कों पर विचरण करते रहते हैं। आए दिन इनकी वजह से दुर्घटनाएं भी होती हैं। बीते एक साल के दौरान बेसहारा पशुओं की वजह से दो दर्जन से अधिक लोग चोटिल हो चुके हैं और 4 लोगों की मौत हो चुकी है।
भास्कर : शहरमें बेसहारा पशुओं की समस्या गंभीर है, प्रशासन कुछ भी नहीं कर रहा क्यों
एसडीएम: हां,समस्या तो गंभीर है जटिल भी है। समस्या का समाधान करने का प्रयास तो किया ही जाता है।
भास्कर: क्याप्रयास किए गए। अभी तक नंदीशाला के लिए भी कोई जगह फाइनल नहीं हो सकी है।
एसडीएम: गांवकेलनियां में 6 एकड़ जगह का चयन हुआ है। बीडीपीओ कार्यालय से रिपोर्ट आनी बाकी है। सरकार अगर रियायती दरों पर यह जगह नंदीशाला के लिए उपलब्ध करा देगी तो वहां नंदीशाला का निर्माण कराया जा सकता है।
भास्कर: नंदीशालाका निर्माण सीएम की घोषणा भी है, फिर भी इसमें देरी क्यों।
एसडीएम: हां,यह सीएम की घोषणा है, लेकिन इसे पूरा करने में जगह फाइनल होने से देरी हो रही है।
भास्कर: कबतक उम्मीद की जाए घोषणा पूरी होने को।
एसडीएम: उम्मीदहै जल्द ही घोषणा पूरी हो जाएगी।
सिरसा। सीडीएलयू के पास बाइपास रोड पर खड़े बेसहारा सांड।