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राजकीय स्कूलों मेंे ड्राप आउट छात्रों को दिया जाएगा एडमिशन
{ एक सप्ताह में छात्रों की सूची बनाकर विभाग काे भेजने के निर्देश
भास्करन्यूज | सिरसा
अबगुरुजी राजकीय स्कूलों से ड्राप आउट हुए विद्यार्थियों को तलाश कर एडमिशन दिया जाएगा। शिक्षा विभाग ने शिक्षा से जोड़ने के लिए ड्राप आउट विद्यार्थियों को स्कूल लेकर आने के लिए विशेष रणनीति बनाई है। जिसके तहत स्कूल से ड्राप आउट विद्यार्थियों की सूची तैयार की जाएगी।
शिक्षा विभाग के निदेशक ने विद्यालय में विद्यार्थियों को एडमिशन करवाने को सुनिश्चित करने इसकी सूची एक सप्ताह में भेजने के निर्देश जारी किए हैं। बता दें कि शिक्षा विभाग ने इस वर्ष नया शैक्षणिक सत्र 1 अप्रैल की बजाय 24 मार्च 2014 से शुरू किया था। पूरे प्रदेश में अनेक बच्चे स्कूल से बाहर है, कुछ बच्चों का नामांकन के बाद ठहराव नहीं है। विभाग द्वारा पांचवीं से नौवीं कक्षा आठवीं कक्षा से बारहवीं कक्षा का परस्पर अवलोकन करने पर स्थित और भी कमजोर प्रतीत होती है।
एडमिशनलेने के बाद नहीं आते स्कूल
राजकीयस्कूलों में कई विद्यार्थी एडमिशन ले लेते हैं। इसके बाद ये विद्यार्थी स्कूल से ड्राप आउट हो जाते हैं।
वहीं कई विद्यार्थी एडमिशन नहीं लेते हैं। जिसके कारण स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या कम हो जाती है। इससे विभाग को भी काफी दिक्कतें आती हैं। इसी को दूर करने के लिए विभाग स्कूल से ड्राप आउट विद्यार्थियों को जोड़ने का कार्य करेगा।
स्कूल के प्राचार्य अध्यापक स्कूल से ड्राप आउट विद्यार्थी की सबसे पहले लिस्ट तैयार करेंगे। इसके बाद ड्राप आउट विद्याथियों अभिभावकों से व्यक्तिगत रूप से मिलेंगे। जिसमें उनको शिक्षा का महत्व बताते हुए। शिक्षा से जोड़ने का कार्य करेंगे।
स्कूल जाने वाले बच्चों काे देंगे दाखिला
खंडशिक्षा अधिकारी आत्मप्रकाश मेहरा ने कहा कि विद्यालयों से ड्राप आउट विद्यार्थियों का एडमिशन किया जाएगा। जिसके लिए जिनका एडमिशन नहीं हुआ है या जिन्होंने किसी कारण वश विद्यालय नहीं रहे हैं। उन्हें एडमिशन दिया जाएगा।
सार्वभौमिकरण का भी मुख्य अंग
प्रदेश में 6 से 14 आयु वर्ग के बच्चों को 100 प्रतिशत नामांकन ठहराव एवं उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाना शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 3 की अनुपालना में अनिवार्य अंग है। शिक्षा के सार्वभौमिकरण का भी यह मुख्य अंग है। हालांकि शिक्षा का अधिकार अधिनियम में बच्चों को श