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नियंत्रित क्षेत्र में नाजायज रजिस्ट्रियों की उपायुक्त को शिकायत दी

7 वर्ष पहले
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आमआदमी पार्टी के राज्य कार्यकारिणी सदस्य प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा ने बुधवार को शहर के आस-पास के नियंत्रित क्षेत्र में नाजायज तरीके से बिना एनओसी रजिस्ट्रियां करके बड़े पैमाने पर किए गए भ्रष्टाचार की उच्च स्तरीय जांच करवाने दोषीगण के विरुद्ध आपराधिक मामला दर्ज करवाने के डीसी निखिल गजराज से मुलाकात की। डीसी ने उसे शीघ्र कार्रवाई कर जांच करने का आश्वासन दिया है।

मामले की जानकारी देते हुए प्रहलाद भारूखेड़ा ने बताया कि प्रदेश सरकार ने सन 2008 में अवैध कॉलोनीज तथा अनियोजित विकास को राेकने के लिए प्रदेश अर्बन एरिया एक्ट 1975 के तहत शहर ओर उसके आस-पास लगते गांवों को सरकार द्वारा नियंत्रित क्षेत्र घोषित किया गया है। इस नियम के तहत एक हैक्टेयर से कम भूमि की खरीद बिक्री के लिए डीटीपी से एनओसी लेना अनिवार्य किया था। उन्होंने तहसील विभाग पर आरोप लगाते हुए कहा कि इन नियमों के बावजूद नियमों को ताक पर रखकर बेहद अधिक सुविधा शुल्क लेकर नाजायज तौर से बिना एनओसी नियंत्रित क्षेत्र में रजिस्ट्रियां की जा रही है।

उनके अनुसार इसमें गांव शाहपुर बेगू के बयनामा नं 6346, गांव चतरगढ़ संबंधी बयनामा 6342, 6448, 6449, 6450, 6451 गांव शमशाबाद पट्टी में 6363, मीरपुरी में 6288, 6289 खाजाखेड़ा में 6142, 6327 शामिल है। उनका आरोप है कि तहसीलदार विभाग के अधिकारी निजी लालच में अवैध रजिस्ट्रियां कर रहे हैं। इससे अनियोजित विकास काे राेकने के प्रयास बिल्कुल विफल साबित हो रहे हैं।

इस संबंध में उन्होंने नगर नियोजन विभाग, तहसील कार्यालयों में दो दर्जनों पत्र लिखकर एनओसी के बिना रजिस्ट्रियां करने का अनुरोध किया है। उन्होंने डीसी से गुहार लगाई है कि उक्त कारनामों की तत्काल जांच करने के लिए एसआईटी गठित की जाए ताकि निष्पक्ष जांच की जाए। इसके बाद जो भी दोषी अफसर है उनके खिलाफ कड़ी से कडी़ कार्रवाई की जाए। इस पर डीसी ने आश्वासन दिया है कि वह इस मामले की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष जांच करवाने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।