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सड़कों पर नहीं दिख रही पीली पट्टी आैर ही पुलिसकर्मी
नवरात्रशुरू होते ही बाजारों में रौनक गई है। जो दीपावली तक रहेगी। इसलिए बाजारों में खरीदारी करने के लिए लोगों की भीड़ बढ़नी शुरू हो गई है। इसके बावजूद बाजारों में यातायात सुरक्षा व्यवस्था के लिए प्रशासन कोई योजना तैयार नहीं की है। हालांकि शहर की मुख्य सड़कों पर एसपी ने पुलिसकर्मी तैनात करके यातायात व्यवस्था को सुधारने का प्रयास कर रखा है,लेकिन फेस्टीवल सीजन के दौरान मुख्य बाजारों में अतिक्रमण जाम की समस्या से निपटने के लिए बनाए जाने वाली विशेष रणनीति अभी तक एसपी डीसी की तरफ से नहीं दिखी है। जिस कारण बाजारों में अतिक्रमण जाम की लगातार स्थिति बन रही है। बाजारों में दुकानदारों द्वारा सामान तय सीमा से बाहर रखने से गलियां सिकुड़ रही है। वहीं बाजारों में भारी वाहन को प्रवेश में निरंतर जारी है। वहीं प्रशासनिक अधिकारी इस ओर अभी तक आंखों पर पट्टी बांधे बैठे हैं।
यातायातनियमों का नहीं हो रहा पालन
एसपीद्वारा यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए चलाई जा रही मुहिम का असर बाजारों में बिल्कुल ही देखने को नहीं मिल रहा है। बाजारों में ना तो पीली पट्टी दिखाई दे रही है और ना ही यातायात नियमों का पालन हो रहा है। एसपी द्वारा तैनात की गई पुलिस भी बाजारों में घुमती हुई नजर नहीं रही है। इसलिए जहां यातायात व्यवस्था बिगड़ी हुई है। वहीं सुरक्षा व्यवस्था का भी कोई विशेष प्रबंध नहीं है। बाजारों में भीड़ भाड़ के मध्य चेन स्नेचिंग, चोरी लूट की घटनाओं में इजाफा होने का भय बना रहता है। इसके लिए अभी तक पुलिस की ओर से कोई विशेष कदम नहीं उठाए गए हैं। हालांकि एसपी ने स्पेशल बाइक राइडर तैनात करने करने की बात कह रखी है, लेकिन वे कहीं पर चक्कर लगाते नहीं दिख रहे हैं।
अतिक्रमणवाहनों की संख्या से बाजार सिकुड़े
फेस्टीवलसीजन में शहर के मुख्य बाजारों में भीड़ बढ़ गई है। दुकानदारों ने सामान की अधिक बिक्री करने के लिए दुकानों के आगे प्रदर्शनी लगानी शुरू कर दी है। जिससे अतिक्रमण बढ़ गया है। इसके अलावा खरीददार अपने निजी वाहन कार, जीप, कैंटर सहित अन्य वाहन बाजारों में ही लेकर घूम रहे हैं।
नो एंट्री गेट भी हटे
डीसी अंशज सिंह से पहले डीसी रह चुके जे गणेशन ने बाजारों में भारी वाहनों की एंट्री रोकने के लिए नो एंट्री गेट लगवाए थे। जिस कारण भारी वाहन बाजार में प्रवेश नहीं कर सकते थे। उनके तबादले के बाद आए डीसी