पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • भारतीय संस्कृति में भी है शिक्षक की गरिमा का उल्लेख : मनदीप कौर

भारतीय संस्कृति में भी है शिक्षक की गरिमा का उल्लेख : मनदीप कौर

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
{ बच्चों को डर से नहीं, प्यार से पढ़ाएं टीचर

भास्करन्यूज | सिरसा

चौपटानोहर रोड स्थित दयानंद सीनियर सेकंडरी स्कूल में शनिवार को अध्यापक कौशल प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। प्रशिक्षिका जालंधर से पहुंची मंदीप कौर ने कहा कि शिक्षक का गरिमा का उल्लेख जितना भारतीय संस्कृति में मिलता है, उतना किसी अन्य संस्कृति में नहीं। परंतु आज की शिक्षा ने उच्चतम धरोहर को थोड़ा धूमिल कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि आज शिक्षक की इस ढलती हुई महिमा के लिए कौन उत्तरदायी है और इसे पुर्नस्थापित कैसे किया जा सकता है‌। इस विषय पर चिंतन करना मात्र शिक्षक का ही नहीं, वरना हर बुद्विजीवी का कर्तव्य बनता है।

उन्होंने कहा कि अध्यापक के लिए कक्षा का प्रबंधन, शैक्षणिक, गतिविधियों का संचालन ओर तय सीमा में पाठ्यक्रम का समापन करते हुए सतत एवं समग्र मूल्यांकन के माध्यम से विद्यार्थियों के चहुंमुखी विकास का अवलोकन करना परम कर्त्तव्य है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के शैक्षणिक, मानसिक, बौद्धिक, संवेगात्मक विकास के लिए प्रयासरत रहते हुए अपने विषय के बारे में सतत स्वाध्याय के माध्यम से पूर्ण सक्षमता एवं दक्षता प्राप्त करना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा की बच्चों को डर से नहीं बल्कि प्यार से स्नेह से पढ़ाना चाहिए। इसके लिए कम्युनिकेशन कौशल, अभिप्रेरणा कौशल हाव-भाव के द्वारा अपनी टीचिंग को कैसे प्रभावशाली बनाया जा सकता है। स्कूल की प्राचार्या डॉ. अलका अरोड़ा ने कहा कि शिक्षकों को समय समय पर महत्वपूर्ण जानकारी लेना जरूरी है। मौके पर स्कूल चेयरमैन भरत सिंह कासनियां, रविंद्र गोदारा, बजींद्र सिंह अन्य स्टाफ सदस्य मौजूद थे।

कार्यक्रम

सिरसा। चौपटा स्थित दयानंद स्कूल में आयोजित अध्यापक प्रशिक्षिण शिविर में प्रशिक्षण देते समय मनदीप कोैर।