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छात्राएं बोलीं, सेफ नहीं पाॅलीटेक्निक कॉलेज

7 वर्ष पहले
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जिलाप्रशासन द्वारा गर्ल्स विंग को महिला पॉलीटेक्निक शिफ्ट करने का फैसला छात्राओं के लिए नई मुसीबत लेकर आया है। छात्राओं की अपील है कि डीसी सर कॉलेज को शहर से दूर शिफ्ट करने पर उनकी परेशानी कम होने की बजाए बढ़ जाएगी। उन्हें इस खस्ता हाल भवन से निजात तो चाहिए मगर ऐसी नहीं जिससे उनकी दिक्कतें पहले से भी अधिक हो जाएं। इसके लिए वे स्वयं डीसी जिला प्रशासन अधिकारियों से कॉलेज को किसी सुरक्षित जगह शिफ्ट करने की गुहार लगाएंगी। ऐसे में अगर जिला कॉलेज प्रशासन ने उन पर यह फैसला थोपने की कोशिश की तो वह प्रदर्शन का रास्ता अपनाएंगी। महिला पॉलिटैक्निक कॉलेज शहर से बिल्कुल बाहर स्थित है,आस-पास सुनसान क्षेत्र होने के कारण छात्राओं के लिहाज से असुरक्षित भी है।

गर्ल्स विंग की छात्रा प्रवीण, परमजीत, मंजू, प्रियंका, दीक्षा, पूजा, मंजू, अंजली, अमन, वीरपाल, प्रिया, सुरभि, साक्षी ने बताया कि उन्हें शुक्रवार सुबह अखबार के माध्यम से ही पता चला है कि उनके कॉलेज को महिला पॉलिटेक्निक में शिफ्ट किया जा रहा है। यह पढ़कर उन्हें बेहद धक्का लगा है। जिला प्रशासन ने उनकी मुसीबत कम करने की बजाए बढ़ाने का निर्णय लिया है। प्रशासन को यह फैसला लेने से पहले उनकी सुविधा के बारे में अवश्य सोचना चाहिए था। महिला पॉलीटेक्निक भवन शहर से बाहर है,जो कि रेलवे स्टेशन बस अड्डे से करीब पांच से छह किलोमीटर दूर पड़ेगा।

छात्राएं निराश

कॉलेज में कुल 1350 छात्राएं शिक्षा प्राप्त कर रही हैं। उन्होंने बताया कि करीब 250 छात्राएं कालांवाली से वाया रेल रही है जबकि डिंग चौपटा क्षेत्र से करीब 200 छात्राएं बस से आती जाती है। इसके अतिरिक्त गर्ल्स हॉस्टल में भी करीबन इतनी संख्या में छात्राएं रह रही है। वर्तमान कॉलेज रेलवे स्टेशन, बस अड्डे से नजदीक पड़ता है तथा गर्ल्स हॉस्टल भी बिल्कुल साथ ही है। बीए की छात्राओं ने बताया कि दोपहर 2:15 छुट्टी का समय है ओर करीब 2:30 बजे कालांवाली ट्रेन निकल जाती है।

निरीक्षण कर प्रशासन ने थी दी मंजूरी

बुधवारशाम को प्रशासन अधिकारियों ने नेशनल कॉलेज प्राचार्य अन्य वरिष्ठ प्राध्यापकों सहित महिला पॉलिटेक्निक भवन का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान जिला प्रशासन की ओर से अब तक मामला देख रहे तहसीलदार एस बिश्नोई, कॉलेज की ओर से प्राचार्या सुमन गुलाब, अन्य वरिष्ठ प्राध्यापक मौजूद थे। पूरे भवन की जांच