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पुलिस ने अवैध असलाह कबाड़ियों से तुड़वाकर जमीन में दफनाया

7 वर्ष पहले
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अपराधिकगतिविधियों को अंजाम देने के लिए अवैध असलाह का इस्तेमाल करने वाले अपराधिक किस्म के लोगों द्वारा वारदात में प्रयोग किए गए हथियारों को पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर नष्ट कर दया है। स्थानीय कोर्ट के आदेश पर सोमवार को पुलिस अधीक्षक द्वारा गठित की गई कमेटी की निगरानी में कबाड़ी बुलाए गए और पकड़े गए अवैध असले को लोहे के भारी हथौड़े से तोड़ा गया। सभी हथियारों का पुर्जा पुर्जा अलग करके उन पर तेजाब डाला गया। बाद में इसे अज्ञात स्थान पर ले जाकर गहरे गड्ढे में दफना दिया गया। एसपी द्वारा गठित कमेटी में डीएसपी वीरेंद्र श्योराण, तहसीलदार संजय बिश्नोई मधुबन पुलिस ट्रेनिंग कॉम्पलेक्स के कोत से आए निरीक्षक अभय सिंह शामिल थे। जिला पुलिस द्वारा वे हथियार ही नष्ट किए गए हैं। जिनके मामलों का कोर्ट ने निपटारा कर दिया है।

^पुलिस द्वारा अवैध असलाधारकों के विरुद्ध जोरदार अभियान चलाया जा रहा है और इस अभियान के काफी सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। आपराधिक वारदातों में प्राय: अवैध असले का प्रयोग किया जाता है। उनका पूरा ध्यान है कि तस्करी रोकी जाए\\\'\\\' पुलिसअधीक्षक, मितेशजैन

इन क्षेत्रों से होकर आता है जिले में अवैध असलाह

पुलिसभले ही बार्डर स्थित इलाकों पर चौकी नाके लगाकर तस्करी रोकने का दावा करती होगी, लेकिन अभी भी सीमावर्ती राज्य के अनेक ऐसे स्थान है। जहां से तस्कर आसानी से तस्करी का माल सप्लाई करते हैं। यहां पर पुलिस का कभी ध्यान नहीं रहता। जिनमें जमाल चौकी के नजदीक लगता कुतियाना नेठराना बरूवाली मार्ग, बरूवाली द्वितीय का फेफाना का नजदीकी क्षेत्र, चिलकनी ढ़ाब क्षेत्र, सूरेवाला क्षेत्र, चौटाला क्षेत्र, गांव सहारणी का क्षेत्र साबू आना क्षेत्र की तरह कई और इलाके है जो राजस्थान से जिला सिरसा में आसानी से प्रवेश दिलाते हैं।

राजस्थान के तलवाड़ा यूपी से आता है असलाह

जिलेमें सबसे अधिक अवैध पिस्तौल हथियार पड़ोसी राज्य राजस्थान के गांव तलवाड़ा झील से आते हैं। गांव तलवाड़ा को अवैध असले का सबसे बड़ा ठिकाना कहा जाए तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी। यहां पर देसी कट्‌टे बड़े पैमाने पर बनाए जाते हैं। जो दो हजार से लेकर दस हजार तक बड़े आसानी से मिल जाते हैं। अपराध को अंजाम देने वाले लोग अपनी पहचान छुपाने के लिए अवैध असले का प्रयोग करते हैं। गांव तलवाड़ा ऐलनाबाद के नजदीकी क्षेत्र होने के कारण सबसे अधिक असला यहां से