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बच्चों को खिलाई एलबेंडाजोल की गोलियां

5 वर्ष पहले
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स्वास्थ्यविभाग की ओर से बुधवार को नेशनल डी-वार्मिंग डे मनाया गया। विद्यार्थियों को एलबेंडाजोल की गोलियां वितरित की गईं। बेगू रोड स्थित राजकीय कन्या सीनियर सेकंडरी स्कूल में आयोजित जिलास्तरीय कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर डीसी शरणदीप कौर बराड़ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थी। डीसी ने कहा कि नेशनल डी-वार्मिंग डे के माध्यम से बच्चों को संपूर्ण स्वास्थ्य, पोषण संबंधित स्थिति, शिक्षा और जीवन गुणवत्ता को बेहतर बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जिले में 2.5 लाख बच्चों को गोलियां वितरित की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के तहत बच्चों को रोगाणु मुक्त करने के लिए गोलियां दी गई है। छोटे बच्चों के पेट में कीड़े हो जाते हैं, भूख कम लगती है, खाना खाने से खून की कमी हो जाती है, ऊर्जा शक्ति कम होती है। पढ़ने का मन नहीं करता, शरीर का बढ़ना रुक जाता है तथा थकावट महसूस होने लगती है।

डीसी ने कहा कहा कि जिले के सभी स्कूलों आंगनबाड़ी केंद्रों के सभी बच्चों को पेट के कीड़ों से निजात दिलवाना है। कोई भी बच्चा गोली खाने से छूट जाए इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी घर-घर जाकर भी बच्चों को गालियां दे रहे हैं। उन्होंने स्वच्छता के प्रति जागरूकता लाने के उद्देश्य से बच्चों से कहा कि खाना खाने से पहले हाथ धोना चाहिए, नाखून की सफाई रखें तथा नाखून साफ सुथरे होने चाहिए। उन्होंने कहा कि घर में सफाई व्यवस्था प्रतिदिन करनी चाहिए।

सीएमओ ने दी बीमारियों से बचाव की जानकारी

सिविलसर्जन डाॅ. सूरजभान कंबोज ने कहा कि कृमि मनुष्य की आंतों में रहते हैं और शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्वों को खा जाते हैं। ये मनुष्य के मल में मौजूद अंडों द्वारा फैलते हैं, जो वहां की मिट्टी को दूषित कर देते है, जहां पर सफाई की व्यवस्था ठीक नहीं रहती है। उन्होंने कहा कि कृमि के तीन मुख्य प्रकार हैं गोल कृमि, व्हिप कृमि और अंकुश कृमि।

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