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प्राध्यापक बोले, कॉलेज में बैठने तक की जगह नहीं

7 वर्ष पहले
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शुक्रवारको राजकीय नेशनल कॉलेज में नैक टीम की विजिट का अंतिम दिन था। दूसरे दिन तीन सदस्यीय टीम ने जाने से पहले कॉलेज प्राध्यापकों से अलग से मीटिंग बुलाई और उनसे कॉलेज में शैक्षणिक माहौल बनाने के लिए सुझाव मांगे। प्राध्यापकों ने कहा कि कॉलेज में शैक्षणिक माहौल तब तक नहीं बन पाएगा, जब तक प्राध्यापकों को बैठने के लिए जगह नहीं मिलती। नैक की टीम ने पूछा प्राध्यापक रिसर्च पेपर क्यों नहीं लिखते। प्राध्यापकों ने कहा कि स्टाफ के लिए केवल एक ही कमरा है। उस कमरे में 80 प्राध्यापक बैठते हैं। ऐसे में रिसर्च पेपर कैसे लिखे जा सकते हैं। रिसर्च पेपर लिखने के लिए हर विभाग के स्टाफ का एक अलग से कमरा होना चाहिए। तभी शैक्षणिक माहौल बनता है। प्राध्यापकों ने कहा कि सेमिनार अटेंड करने के लिए उन्हें ड्यूटी लीव नहीं मिलती। कॉलेज में पिछले कई साल से कोई सेमिनार नहीं आयोजित हो रहे। प्रबंधन और स्टाफ की मीटिंग नहीं हो रही। नेशनल कॉलेज में पीजी कक्षाओं के छात्रों के लिए कमरे उपलब्ध नहीं है। नैक की टीम ने कहा कि वे गवर्नमेंट को लिखकर कॉलेज में सुधार करवाने का प्रयास करेंगे। कुछ प्राध्यापकों ने कहा कि कॉलेज के हालात सुधारने के लिए राजनीतिक स्पोर्ट भी जरूरी होनी चाहिए। जो कि नहीं है। इससे पहले नैक की टीम ने सुबह नेशनल गर्ल्स कॉलेज का निरीक्षण किया। तत्पश्चात राजकीय नेशनल कॉलेज की स्पोर्टस गतिविधियों को भरी परखा। बता दे कि गुरुवार को राजकीय नेशनल कॉलेज में नैक की विजिट के दौरान छात्रों ने हड़ताल कर दी थी। छात्रों के आरोप थे कि नैक की टीम बंद कमरे में ही विजिट करके चली जाती है। एनएसयूआई और हड़ताली छात्रों ने प्रिंसिपल के कमरे का घेराव कर लिया था।

खेल गतिविधियों की प्रशंसा की

नैककी टीम ने राजकीय नेशनल कॉलेज की खेल गतिविधियों का मूल्यांकन भी किया। उन्होंने प्रोफेसर बलदेव सिंह द्वारा चलाई जा रही खेल गतिविधियों की प्रशंसा की और कहा कि वे अपनी ड्यूटी का पालन बखूबी कर रहे हैं।