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कॉलेज शिफ्ट करने के लिए छात्राओं के दिए सुझाव रिजेक्ट

7 वर्ष पहले
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सोमवारको एबीवीपी के आह्वान पर आयोजित महापंचायत के दौरान कॉलेज शिफ्ट करने के लिए छात्राओं द्वारा दिए गए दोनों सुझावों को जिला प्रशासन ने रिजेक्ट कर दिया है। एसडीएम परमजीत चहल ने बताया कि गर्ल्स कॉलेज शिफ्ट करने के लिए यह दोनों जगह उचित नहीं है इसलिए कॉलेज को अभी शिफ्ट नहीं किया जा सकता। बता दें कि महापंचायत के दौरान छात्र संगठन छात्राओं ने प्रशासन को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया था, जो कि बुधवार को समाप्त हो जाएगा। ऐसे में अगर कॉलेज शिफ्ट करने को लेकर प्रशासन कोई फैसला नहीं कर पाया तो उसे छात्राओं के विरोध का सामना कर पड़ सकता है।

नेशनल गर्ल्स कालेज को किसी दूसरी जगह शिफ्ट करने का मामला जिला प्रशासन के लिए सिरदर्द बनता जा रहा है। छात्राओं का विरोध झेल रहे जिला प्रशासन के लिए फैसला कर पाना मुश्किल हो रहा है कि कॉलेज को किस इमारत में शिफ्ट किया जाए। इस मामले को लेकर एसडीएम परमजीत चहल के नेतृत्व में तहसीलदार एस बिश्नोई स्वयं छात्राओं को साथ लेकर पिछले 12 दिनों में शहर के कई भवन देख चुके हैं मगर कोई सलेक्ट नहीं हो पा रहा। शनिवार को छात्राओं ने सिटी थाना के पीछे स्वामी विवेकानंद स्कूल के भवन का सुझाव दिया था। जिसके बाद शनिवार को कॅालेज प्रशासन ने इमारत को लेकर सर्वे करवा दिया। जिसमें बडी़ संख्या में छात्राओं की पहली पसंद मौजूदा इमारत को बताया गया था। जिस पर छात्राओं ने विरोध जताया कहा कि उन पर दबाव बनाकर सर्वे करवाया गया है। सन 2007 में कंडम घोषित कर दी गई इस इमारत को आप्शन में रखने का औचित्य ही नहीं बनता।

ऊपर से कॉलेज प्रशासन ने छात्राओं पर रिजल्ट, एसेसमेंट आदि अन्य बातें कहकर दबाव बनाया। एबीवीपी ने भी इसे प्रोपेगंडा बताया था।इसके बाद एबीवीपी के आह्वान पर छात्र महापंचायत का आयोजन किया गया। जिसमें एबीवीपी के प्रदेश स्तर के नेता पहुंचे हुए थे। बड़ी संख्या में छात्राओं से बातचीत करने के लिए नायब तहसीलदार रामनिवास पहुंचे, छात्राओं ने उन्हें दो आप्शन स्वामी विवेकानंद स्कूल योग दिव्या मंदिर का सुझाव दिया। इसके बाद प्रशासन ने माना कि इन इमारतों में से एक को फाइनल कर दिया जाएगा मगर तीन दिन का समय लगेगा। प्रशासन के आश्वासन के बाद तीन दिन के अल्टीमेटम के साथ महापंचायत को समाप्त कर दिया गया।

तीन दिन का समय दिया था

प्रदेशसह मंत्री सुखबीर श्योराण ने कहा कि उनके पास अभी कोई सूच