पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • मुआवजे के लिए डेढ़ घंटे तक किसानों का प्रदर्शन पिछले दरवाजे से निकल गईं डीसी, नहीं लिया ज्ञापन

मुआवजे के लिए डेढ़ घंटे तक किसानों का प्रदर्शन पिछले दरवाजे से निकल गईं डीसी, नहीं लिया ज्ञापन

5 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
जिलेमें खराब हुई कॉटन और गवार की फसल का मुआवजा अभी तक नहीं मिलने पर बुधवार को जिले के किसान बिफर पड़े। किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दोपहर को डीसी कार्यालय की घेराबंदी कर ली।

किसानों की मांग थी कि डीसी शरणदीप कौर बराड़ खुद आकर उनकी समस्या सुनें और ज्ञापन लेकर सरकार तक उनकी मांग पहुंचाए। मगर किसान इंतजार करते रहे। डीसी ज्ञापन लेने नहीं आई। आखिर में डीसी किसानों से नजर बचाकर बैकडोर से अपने आवास की ओर निकल गई। किसानों को इस बात का पता भी नहीं चला। वे डीसी के इंतजार में मुख्यगेट पर बैठे मुआवजा, मुआवजा चिल्लाते रहे। काफी समय बीतने पर सुरक्षा कर्मियों से किसानों ने पूछा कि डीसी मैडम कब तक रही है। तभी किसी ने बताया कि डीसी तो बैकडोर से कब की जा चुकी है। इस बात पर किसान बिफर पड़े और मुख्यगेट को तोड़कर अंदर घुसने की तैयारी करने लगे। इस पर पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोका। उसी समय नायब तहसीलदार ज्ञापन लेने पहुंचे, मगर किसानों ने उन्हें बैरंग लौटा दिया। फिर एसडीएम मौके पर पहुंचे। किसानों को ज्ञापन देने की बात कही। मगर किसानों ने कहा कि भले ही रात हो जाए, लेकिन ज्ञापन डीसी को ही यहां आकर लेना पड़ेगा। उसके बाद किसान डीसी के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इस अवसर पर किसान साहबराम बिजारणियां, बीरू राम गोदारा, जगदीश छिंपा, रणजीत सिंह हुड्डा, श्रवण सिल्लू, हरपाल पूनिया सहित जिले के सैकड़ों किसान उपस्थित थे।

िकसानों ने डीसी के खिलाफ की नारेबाजी

जिलाभर से मुआवजा और बिजली बिल में कटौती की मांग को लेकर बुधवार सुबह से सैकडों किसान टाउन पार्क में एकत्रित हुए। दोपहर एक बजे नारेबाजी करते हुए लघुसचिवालय पहुंचे। वहां की घेराबंदी करके बैठे किसानों को संबोधित करते हुए किसान नेता ओमप्रकाश आर्य और प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा ने कहा कि किसानों की कॉटन और गवार की फसल चौपट हो गई थी। जिसकी गिरदावरी हो चुकी है। सरकार ने पंचायती चुनाव के बाद 12 हजार रुपये प्रति एकड़ कॉटन का और 10 हजार रुपये ग्वार की फसल का मुआवजा देने की बात कही थी। सरकार अब किसानों के साथ धोखा कर रही है। जल्द ही किसानों को मुआवजा दिया जाए, वरना किसान धरना प्रदर्शन, रेल रोको, सड़क रोको और भूख हड़ताल करना शुरू कर देंगे।

सिरसा। सफेदमक्खी से खराब हुई फसलांे के मुआवजे की मांग को लेकर लघुसचिवालय के गेट पर किसान नेता प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा के नेतृत्व मंे हरियाणा किसान मंच के सदस्य किसान प्रदर्शन करते हुए।

तीन बजे धरना लगाकर बैठने का हुआ फैसला और एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

जबनारेबाजी करते हुए दोपहर के तीन बज गए तो किसानों ने देखा कि उनकी सुनवाई डीसी नहीं कर रही है। आपस में सबने मंत्रणा की और एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर अनिश्चितकालीन धरना लगाने की बात कही। उसके बाद बिजली निगम के एसई भी वहां पहुंचे। किसानों ने बिजली बिल समस्या और मुआवजा देने की मांग का ज्ञापन एसडीएम परमजीत सिंह चहल और बिजली निगम के एसई आरके वर्मा को सौंपा। फिर मुख्यगेट से उठकर लघुसचिवालय परिसर के पास ही अनिश्चित काल के लिए टैंट लगाकर धरना लगा दिया।

खबरें और भी हैं...