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गोरक्षा दल प्रशासन में फिर तनातनी

7 वर्ष पहले
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चारमहीनों से गो उपचार आश्रम को लेकर प्रशासन गोरक्षादल में चल रही तनातनी एक बार फिर खुलकर सामने गई है। प्रशासन ने बेगू रोड पर दल को अनियमित रूप से पशु चिकित्सालय में दी आश्रम की जगह को खाली करवाना शुरू कर दिया है। इसको लेकर गोरक्षा दल सदस्यों में जिला प्रशासन के प्रति रोष है। नाराज गौरक्षा दल ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।

शुक्रवार को अचानक बेगू रोड पर गोरक्षा दल को दिए गए आश्रम में सरकारी चिकित्सालय में पशुओं को उठाने का कार्य शुरू किया गया। अभियान की कमान संभाले हुए डाॅ. भारत भूषण ने बताया कि प्रशासन के आदेशानुसार पशुओं को गौशालाओं में शिफ्ट किया जा रहा है। यह प्रक्रिया निरंतर तीन से चार दिन तक चलाई जाएगी। पशुओं को शिफ्ट करने के पीछे कारण पर उनका कहना था कि सर्दी बढ़ गई है ओर यहां पशुओं के शैड की कोई व्यवस्था नहीं है। खुले में रात गुजारने के कारण बड़ी संख्या में पशु बीमार हो रहे है, पिछले दो दिनों में सर्दी काे सहारते हुए दो गाय दम तोड़ चुकी है, तीन गंभीर बीमार है।

प्रशासन कर रहा वादाखिलाफी : हिंदपुत्र

हिंदपुत्र गौरक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरपाल सूर्या ने पूरे मामले पर प्रेस नोट जारी करते हुए कहा है कि प्रशासन ने उनके साथ वादाखिलाफी की है, उन्हें नया आश्रम बनाने तक इस जगह को इस्तेमाल करने का वादा किया गया था मगर अब जबरदस्ती खाली करवाया जा रहा है। जिला प्रशासन को 15 दिन का समय देते हैं अगर प्रशासन ने गोउपचार आश्रम के लिए दिया वादा पूरा किया तो वह बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

ये है मामला

लंबे संघर्ष के बाद जून माह में तत्कालीन डीसी डा. अंशज सिंह ने चिकित्सालय की खाली पड़ी इस भूमि को गो उपचार के लिए हिंदपुत्र गौरक्षा दल को अनियमित तौर पर आश्रम के लिए दी थी। जब दल ने कार्य शुरू किया तो चिकित्सकों ने एतराज जिता दिया, जिसके बाद प्रशासन आश्रम को खाली करने का दबाव बनाने लगा। इसके बाद अक्टूबर माह में गौरक्षा दल के करीब 21 सदस्य भूख हड़ताल पर बैठ गए। लघु सचिवालय के सामने यह अनशन करीबन 5 दिन चला। जिसके बाद जिला प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया कि गोवंश उपचार आश्रम के लिए हुडा में खाली पड़ी 6 कनाल भूमि दे दी जाएगी।