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किसानों को यूरिया के लिए नहीं पड़ेगा भटकना

7 वर्ष पहले
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हलकीबारिश से यूरिया खाद की भी मांग बढ़ गई है। किसानों को अब यूरिया खाद के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। जिले में 1 लाख बैग यूरिया खाद पहुंचे गई है। जो सोमवार से ग्राम स्तर पर सहकारी समिति में भी किसानों को यूरिया खाद मिलनी शुरू हो जाएगी। बता दें कि गेहूं की फसल में डालने के लिए यूरिया खाद किसानों को नहीं मिल रही थी। शहर में जनता भवन रोड स्थित दि सिरसा को ऑपरेटिव मार्केटिंग कम प्रोसेसिंग सोसायटी केंद्र में किसानों को यूरिया खाद पुलिस की देखरेख में राशन कार्ड पर 5 बैग ही मिल रहे थे। जिससे किसानों में यूरिया खाद नहीं मिलने पर रोष था।

मिलेगीयूरिया खाद

गांवमें सहकारी समिति में यूरिया खाद मिलनी शुरू हो जाएगी। यूरिया खाद की कमी के कारण किसानों को ग्राम स्तर पर नहीं मिल रही थी। किसान खाद लेने के लिए शहर में पहुंच रहे थे। यहां पर किसानों को राशन कार्ड पर ही खाद मिल रही थी। जिससे आवश्यकता अनुसार खाद नहीं मिलने से किसानों में काफी रोष था। वहीं इसका असर गेहूं के उत्पादन पर भी पड़ रहा है।

1 लाख बैग पहुंची खाद

कृषि उपनिदेशक डॉ. वजीर सिंह ने कहा कि किसानों को यूरिया खाद की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। जिले में ग्राम स्तर पर किसानों को सोमवार से मिलनी शुरू हो जाएगी। रविवार को 1 लाख बैग यूरिया खाद चुकी है।

इतने क्षेत्र में है बिजाई

जिले में गेहूं की 2 लाख 90 हजार हैक्टेयर पर बिजाई की गई है। जिला गेहूं के उत्पादन में प्रदेशभर में अव्वल है। किसानों की मांग अनुसार जिले में खाद की 94 हजार मीट्रिक टन की आवश्यकता है।

राहत

रेलवे स्टेशन पर मालगाड़ी से यूरिया खाद उतार कर ट्रको में भरते मजदूर।