सिरसा जेल में चला दो घंटे सर्च अभियान
जिलाजेल में एसपी ने डीएसपी सिटी के नेतृत्व में रविवार को सर्च अभियान चलवाया। दो घंटे तक जेल में डीएसपी सहित पुलिस के 62 जवानों ने कैदियों की बैरक खंगाली। सर्च अभियान में कैदियों बैरक से जो कुछ मिला उसका राज डीएसपी जेल की दीवारों में ही छुपाकर बाहर गए। जेल में उन्हें क्या कुछ मिला और कैदियों ने उन्हें जेल में होने वाली गतिविधियों के बारे में क्या कुछ बताया।
उसके बारे में डीएसपी ने अपना मुंह नहीं खोला और केवल एक मोबाइल और तीन सिम बरामद होने की बात कहकर जेल की असलियत पर पर्दा डाल दिया। जबकि सूत्र बताते हैं कि डीएसपी ने जेल में दो घंटे तक औपचारिकता ही पूरी की और जेल प्रशासन से मिलकर उन्होंने वहां की सच्चाई को उजागर करना उचित नहीं समझा। इस असफल सर्च अभियान से जेल में बंद उन मुखबिरों को गहरा धक्का लगा जो जेल प्रशासन की प्रताड़ना मोल लेकर जेल में होने वाली संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी पुलिस को देते हैं। सर्च अभियान की असफलता पर जहां जेल प्रशासन खुश नजर रहा था। वहीं मोटी रकम लेकर जेल में नशीले पदार्थ और मोबाइल पहुंचने वाले कर्मचारी भी भय मुक्त नजर आए। यहां बता दें कि तीन माह पूर्व भी एसपी ने जेल में डीएसपी बीएस मालिक के नेतृत्व में सर्च अभियान चलाया था। उसमें भी सिर्फ एक मोबाइल सिम बरामद करके अभियान को सफल करार दे दिया था।
बरनाला रोड स्थित जिला जेल में पुलिस द्वारा रविवार की सुबह जेल में की गई अचानक छापेमारी की सूचना जेल में शनिवार रात ही पहुंच गई थी। डीएसपी धर्मवीर सिंह भारी पुलिस बल के साथ रविवार को सुबह 11 बजे जेल पहुंचे थे।
जब तक सर्च अभियान शुरू होता। तब तक जेल प्रशासन ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली थी। वहीं कैदियों को भी इस बारे जेल के कर्मचारियों ने सूचना दे रखी थी। इसलिए वे पहले से ही सतर्क थे। तीन सिम और मोबाइल तक अभियान को सफल बनाने के उद्देश्य से हवालाती बैरक से सर्च टीम ने दिखाए हैं। जबकि जेल में दो दर्जन से अधिक कैदी मोबाइल का प्रयोग करते हैं। वहीं बड़े पैमाने पर यहां नशीले मादक पदार्थों की भी सप्लाई होती है। जिसकी पुष्टि जेल में समय-समय पर बरामद होने वाले मोबाइल मादक पदार्थ करते हैं। मगर शनिवार रात को सर्च अभियान की सूचना आने पर कैदियों ने मोबाइल मादक पदार्थ छुपा दिए। जिससे स्पष्ट हो जाता है कि पुलिस और जेल प्रशासन की मिलीभगत के चलते ही जेल में आपराधिक