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भूख हड़ताल पर बैठे लोगों ने पूछा कहां गईं 800 गाय और हजार सांड
श्री गोशाला में शुक्रवार को तहसीलदार संजय चौधरी द्वारा करवाई गई गाय की गणना में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आने के बाद भूख हड़ताल पर बैठे लोगों में और गोशाला प्रबंधन कमेटी में तनाव बढ़ गया है। गोशाला के सचिव द्वारा गोशाला में 2700 गाय होने का दावा करने के बाद जब गणना में 1900 गाय ही पाई गई तो भूख हड़ताल पर बैठ सुशील सैनी अन्य लोगों ने अब प्रबंधन से 800 गाय इसका हिसाब मांग लिया है। हालांकि इस मामले में गोशाल प्रबंधक कमेटी के सचिव मैनेजर अब एक दूसरे पर गुमराह करने का आरोप लगाते दिख रहे हैं। इस पर जहां सचिव भागीरथ गुप्ता ने मैनेजर पवन कुमार को झूठा करार देकर उस पर कार्रवाई करने की बात शुक्रवार को कही थी। वहीं शनिवार को मैनेजर पवन कुमार ने अचानक कम हुए इस आंकड़े के बारे गोलमाल सा जवाब देते हुए कहा कि वे गाय की गणना नहीं करते। गोशाला में गाय आती भी रहती है और मर भी जाती है। गाय की गणना से मैनेजर और प्रबंधन की पोल खुलने के बाद मामला गंभीर हो गया है। भूख हड़ताल पर बैठे लोगों का आरोप है कि ये 800 गाय और कहीं नहीं गई। अनदेखी लापरवाही के कारण मौत का ग्रास बन गई है। जिसका सच गोशाला प्रबंधन छूपा रहा है। भूख हड़ताल पर बैठे सुशील सैनी ने मांग करते हुए कहा कि प्रबंधन कमेटी मैनेजर पर पशु क्रूरता अधिनियम के तहत केश दर्ज किया जाना चाहिए और गोशाला का रिकार्ड प्रशासन को कब्जे में लेकर जांच करनी चाहिए। तभी वे धरना खत्म करेंगे।
बीमारऔर कमजोर पांच गाय और मरी
सुखीपराली खाकर और दस दस दिन लगातार गाद में फंसकर बीमार हुई गायों की मरने की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। जहां पिछले दो दिन में गाय मरने का आंकड़ा दस का था। वह शनिवार को बढ़कर 15 जा पहुंचा है। पांच गाय शुक्रवार रात्रि को और मर गई है। वहीं करीब डेढ़ दर्जन ऐसी और गाय हैं जो कभी भी प्राण छोड़ सकती है। इसके अलावा 50 ऐसी गायों की संख्या है जो बिल्कुल कमजोर है। सुखी पराली खाकर वे और अधिक कमजोर होती जा रही है।
प्रबंधनकमेटी ने डीसी को भी किया था गुमराह
शहरमें बढ़ती सांडों की संख्या को कम करने के लिए तत्कालीन डीसी अंशज सिंह डीसी निखिल गजराज सिंह ने भी गोशाला प्रबंधन से करीब 500 सांड गोशाला में रखने का अनुरोध किया था। इस पर गोशाला प्रबंधन ने साफ इनकार करते हुए कहा था कि उनके यहां तो पहले से ही 1200 सांड है। वे नहीं रख सकते। इस बात का भी झूठ तब सामने आया जब गणना हुई। गोशाला के पास महज 266 सांड ही निकले। जिनमें 200 से अधिक तो छोटे बछड़े थे। इस प्रकार प्रशासन से भी झूठ बोलने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई।
^शहर से बीमार गाय आती है। वे मर जाती है। उनका यहां इलाज भी किया जाता है। गणना नहीं होती। उन्होंने सचिव भागीरथ गुप्ता को कोई गुमराह नहीं किया है। कार्रवाई के बारे में उनके पास कोई सूचना नहीं आई है।\\\'\\\' मैनेजर,पवन कुमार
गाद में खड़ी रहने से गली सड़ी पराली खाने से हो सकती है मौत
^लगातारकई दिनों तक गाय अगर गाद में फंसी रहेगी तो उसके पैरों में संक्रमण फैल जाएगा। खुर गल जाएंगे। ठंड लगने के कारण मौत भी हो जाएगी। संक्रमण से भी मौत हो सकती है। वहीं पराली की तूड़ी कोई गाय का चारा नहीं है। यह तो तूड़ी की कमी के कारण कुछ दिन खिलाई जा सकती है। अगर यह भी गली सड़ी होगी तो पेट में बंद पड़ जाएगा। फूड प्वाइजनिंग हो जाएगी। जिससे गाय की मौत हो जाएगी।\\\'\\\' भारतभूषण, वैटरनरी सर्जन
श्री गोशाला में बीमार गाय को सहारा देकर खड़ी करने का प्रयास करते गोशाला के कर्मचारी।
सिरसा। श्री गोशाला गाय की दुर्दशा के सुधार को लेकर गेट के सामने भूख हड़ताल पर बैठे गोभक्त सुनील सैनी अन्य।
बच्चे सहित दो और बैठे अनशन पर
प्रधानबाबूलाल को हटाने के लिए पिछले तीन दिन से भूख हड़ताल पर बैठे सुशील सैनी आनंदस्वरूप सैनी के समर्थन में अब चार लोग और बैठ गए हैं। शुक्रवार को जहां नरेश सैनी कृष्ण कुमार भूख हड़ताल पर बैठे थे। वहीं शनिवार को भगवानदास और एक 12 वर्षीय छात्र विश्वास कुमार भी अनशन पर बैठ गया है। उनका कहना है कि जब तक गोमाता को न्याय नहीं मिलता। वे पीछे नहीं हटेंगे।