शहर में दर्जन भर एटीएम पड़े हैं खराब
बैंक उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधा देने के लिए 111 एटीएम मशीनें शहर में लगाई हुई है। इन एटीएम मशीनों में 60 को बैंकों की विभिन्न ब्रांचों में लगाया गया है। इनमें से 51 मशीनेंं अन्य स्थानों पर किराए की इमारतों में लगाई हुई हैं। ग्राहक सेवा के लिए शहर में लगाई गई एटीएम मशीनों में खराबी होने पर उन्हें महीनों तक ठीक नहीं करवाया जाता। जिससे एटीएम मशीनों में अधिकतर के शटर बंद रहते हैं और अन्यों में नकदी होना उपभोक्ता के लिए परेशानी है।
अधिकतर माह के शुरूआती दौर में ग्राहकों को एटीएम मशीन में कैश उपलब्ध होने जैसी दिक्कतों से दो-चार होना पड़ता है। अनेक लोगों को नजदीक एटीएम में कैश मौजूद होने के चलते इधर-उधर भटकना पड़ता है। शहर में हुई एटीएम चोरी की घटनाओं के चलते रात्रि के समय सभी एटीएम मशीने बंद रहती हैं। जिसके चलते ग्राहक को सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। कुछ बैंकों की एटीएम मशीनें पिछले कई महीनों से खराब होने के कारण बंद पड़ी हुई हैं। बैंकों ने ग्राहकों की सेवा के लिए एटीएम मशीनें तो लगवा दी मगर उनमें रही दिक्कतों को महीनों तक सही नहीं करवाया जाता। ग्राहकों को के लिए खराब पड़ी मशीने परेशानी का कारण बनी हुई हैं।
बंदपड़ी एटीएम मशीनें लगा रही प्रबंधन को चूना
शहरमें विभिन्न बैंकों की पिछले कई महीनों से खराब पड़ी हुई एटीएम मशीन जहां उपभोक्ता के लिए परेशानी बन रही है। वहीं बैंक प्रबंधन को चूना लगा रही हैं।
किराए की बिल्डिंग में लगाई गई एटीएम मशीनें खराब होने के चलते जहां ग्राहकों को सुविधाएं नहीं दे पा रही हैं, वहीं बैंक को बिल्डिंग मालिक को उसका किराया देना ही पड़ता है। सूत्रों से पता चला कि एटीएम मशीनों की बिल्डिंग का किराया 10 हजार से 15 हजार के लगभग दिया जा रहा है। बंद पड़ी मशीनें लोगों को परेशान कर रही हैं और कंपनी को चूना लगा रही हैं।
शहर में एटीएम चोरी की हुई कई घटनाओं के कारण रात्रि के समय एटीएम मशीनों को पूर्ण रूप से बंद कर दिया गया है। पिछले काफी समय से शाम 8 बजे बाद शहर की कोई भी एटीएम मशीन खुली नहीं मिलती। ग्राहकों को रात्रि के समय एटीएम मशीनों के बंद रहने के कारण सुबह 8 बजे का इंतजार करना पड़ता है।
कई एटीएम बंद हैं
^सुरक्षाके लिहाज से कुछ एटीएम बदल दिए गए हैं। वहीं कोई अन्य में तकनीकी खराबी आई हुई है तो वे चेक करवा लेते हैं। अभी तक शिकायत नहीं है। नकदी डालने का कार्य बैंक का है।’’ विक्रमबगड़िया, जोन इंचार्ज, एजीएस कंपनी